खाड़ी तनाव और महंगे तेल से बाजार में हड़कंप:सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, IT सेक्टर में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार के लिए 3 जून 2026 की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर बाजार खुलते ही दिखाई दिया और प्रमुख इंडेक्स में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बुधवार सुबह कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स करीब 701 अंक गिरकर 73,948.69 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 186.70 अंक टूटकर 23,296.85 पर कारोबार करता नजर आया।
खाड़ी तनाव ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड
ग्लोबल बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद भारतीय बाजार दबाव में आ गए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार खाड़ी देशों में अचानक बढ़े तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ने, चालू खाते के घाटे पर दबाव आने और रुपये में कमजोरी की आशंका बढ़ जाती है। इसी वजह से निवेशकों ने बाजार खुलते ही मुनाफावसूली और बिकवाली शुरू कर दी।
निफ्टी ने तोड़ा अहम सपोर्ट लेवल
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी का शुरुआती कारोबार में ही 23,450 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के नीचे फिसलना चिंता का विषय है। यह स्तर टूटने के बाद बाजार में कमजोरी का संकेत और मजबूत हो गया जिससे निवेशकों का भरोसा और कमजोर पड़ा।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज की गिरावट में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। देश की दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। TCS, Infosys, HCLTech और Wipro जैसे प्रमुख आईटी शेयर 3% से 7% तक टूट गए। पिछले कुछ दिनों से जिन शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी, उनमें भी अचानक दबाव बढ़ गया।
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अमेरिकी बाजार में भी भारतीय आईटी कंपनियों पर असर
गिरावट का असर सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर (ADR) में भी कमजोरी देखने को मिली। Infosys के ADR में करीब 2.5% की गिरावट दर्ज की गई जबकि Wipro के ADR में लगभग 8% तक की तेज गिरावट देखने को मिली।












