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कभी कार हादसे का शिकार हुए थे!अब भारतीय टीम के स्पिन बॉलिंग कोच की मिली जिम्मेदारी, कौन है साईराज बहुतुले?

खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद बहुतुले ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल जैसी टीमों के मुख्य कोच के रूप में काम किया है।
अब भारतीय टीम के स्पिन बॉलिंग कोच की मिली जिम्मेदारी, कौन है साईराज बहुतुले?

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर साईराज बहुतुले को भारतीय पुरुष सीनियर टीम का नया स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। बोर्ड ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। BCCI ने कहा कि घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजों को तैयार करने का बहुतुले का अनुभव टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित होगा। 53 वर्षीय बहुतुले ने नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि भारतीय पुरुष टीम का स्पिन बॉलिंग कोच बनना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है।

कौन हैं साईराज बहुतुले?

साईराज बहुतुले भारतीय क्रिकेट का जाना-पहचाना नाम रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। करीब दो दशक लंबे फर्स्ट क्लास करियर में बहुतुले ने 188 मैचों में 630 विकेट हासिल किए। सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 6176 रन बनाए। उन्होंने मुंबई, महाराष्ट्र और विदर्भ जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए खुद को भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया था।

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कोचिंग में कितना अनुभव है?

खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म होने के बाद बहुतुले ने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल जैसी टीमों के मुख्य कोच के रूप में काम किया है। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उनका अनुभव मजबूत रहा है। वह IPL टीमों राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन बॉलिंग कोच की भूमिका निभा चुके हैं। युवा स्पिनरों को निखारने और तकनीकी सुधार कराने में उनकी खास पहचान रही है।

सचिन-कांबली की 664 रन साझेदारी में भी रहे थे गेंदबाज

साईराज बहुतुले का क्रिकेट सफर सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि कोचिंग में भी काफी लंबा और दिलचस्प रहा है। 1988 में जब सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने लॉर्ड हैरिस शील्ड इंटर-स्कूल टूर्नामेंट में शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए रिकॉर्ड 664 रन की नाबाद साझेदारी की थी, तब बहुतुले विपक्षी टीम सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के गेंदबाजों में शामिल थे।

बाद में बहुतुले ने घरेलू क्रिकेट में लंबा करियर खेलने के बाद 1 जनवरी 2013 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने कोचिंग की राह चुनी और कई टीमों के साथ काम किया।

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अंडर-19 और NCA के साथ निभाई अहम भूमिका

बहुतुले लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के डेवलपमेंट सिस्टम का हिस्सा रहे हैं। वे 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच थे। इसके बाद 2024 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने कोचिंग स्टाफ में अहम जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वे भारत-ए और सीनियर टीम के साथ कई विदेशी दौरों में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे हैं। 2021 से 2024 तक वह BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के कोचिंग सेटअप से जुड़े रहे।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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