Systematic Investment Plan:मार्केट गिरने पर SIP बंद करें या रखें जारी? आंकड़े बताते हैं क्यों गिरावट में भी निवेश जारी रखना फायदेमंद

शेयर बाजार में गिरावट आते ही कई निवेशक घबरा जाते हैं। पोर्टफोलियो का मूल्य कम होने लगता है और सबसे पहले दिमाग में यही सवाल आता है कि क्या SIP को रोक देना चाहिए। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में गिरावट के दौरान SIP बंद करना अक्सर नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
गिरावट में ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मिलता है मौका
SIP का सबसे बड़ा फायदा रुपए की लागत औसत है। जब बाजार ऊपर होता है तो निवेशक को कम यूनिट्स मिलती हैं जबकि बाजार गिरने पर उसी रकम में ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है। यही अतिरिक्त यूनिट्स भविष्य में बाजार की रिकवरी के दौरान बेहतर रिटर्न देने में मदद करती हैं।
कोविड क्रैश इसका बड़ा उदाहरण
मार्च 2020 में कोविड महामारी के दौरान सेंसेक्स करीब 42 हजार अंकों से गिरकर 26 हजार अंकों के आसपास पहुंच गया था। उस समय कई निवेशकों ने घबराकर SIP बंद कर दी लेकिन जिन्होंने निवेश जारी रखा उन्हें अगले दो-तीन वर्षों में शानदार रिटर्न मिला। बाद में सेंसेक्स 80 हजार अंक के पार पहुंच गया और गिरावट के दौरान खरीदी गई यूनिट्स ने अच्छा लाभ दिया।
10-15 साल के निवेश में उतार-चढ़ाव का असर कम
म्यूचुअल फंड विशेषज्ञों के अनुसार SIP का वास्तविक फायदा लंबी अवधि में मिलता है। यदि कोई निवेशक 10, 15 या 20 साल तक नियमित निवेश करता है तो बाजार की छोटी-बड़ी गिरावट का असर काफी हद तक खत्म हो जाता है। इसी वजह से SIP को लंबी अवधि की संपत्ति बनाने का प्रभावी साधन माना जाता है।
30 साल के आंकड़े भी देते हैं यही संकेत
हाल ही में सामने आई एक रिसर्च के अनुसार पिछले 30 वर्षों में महीने की अलग-अलग तारीखों पर की गई SIP के रिटर्न में बहुत मामूली अंतर पाया गया। इससे साफ है कि बाजार को टाइम करने या सही समय खोजने से ज्यादा महत्वपूर्ण लगातार निवेश करते रहना है।
कब SIP रोकने पर विचार किया जा सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि SIP केवल तभी रोकनी चाहिए जब निवेशक की आय प्रभावित हो गई हो, नौकरी चली गई हो या कोई बड़ा वित्तीय संकट हो। सिर्फ बाजार गिरने के कारण SIP रोकना आमतौर पर सही रणनीति नहीं मानी जाती।
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क्या गिरावट में SIP बढ़ानी चाहिए?
कई वित्तीय सलाहकार मानते हैं कि यदि निवेशक की आय और वित्तीय स्थिति मजबूत है तो बाजार में बड़ी गिरावट के दौरान SIP की राशि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। इससे कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स खरीदने का फायदा मिलता है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है।
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निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख
बाजार की गिरावट अस्थायी होती है लेकिन SIP का उद्देश्य लंबी अवधि में धन सृजन करना है। इतिहास बताता है कि जो निवेशक गिरावट के दौर में भी अनुशासन बनाए रखते हैं वही लंबे समय में बेहतर रिटर्न हासिल कर पाते हैं। इसलिए बाजार लाल निशान में हो तब भी SIP जारी रखना अक्सर समझदारी भरा फैसला माना जाता है।












