MP में मौसम का यू-टर्न : भोपाल में रातभर चली आंधी- बूंदाबांदी, कई इलाकों में बिजली कटी, 47 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच शनिवार देर रात कई जिलों में आंधी और तेज हवाएं चली। इसका असर राजधानी भोपाल में भी दिखा जहां देर रात साढ़े 12 बजे से तकरीबन 3 बजे तक बिजली गुल रही। इससे पहले 20 से ज्यादा जिलों में बारिश गिरी, जिससे कई जगह राहत देखी गई। इसके चलते आने वाले दिनों में भोपाल समेत कई शहरों में 40 से 60 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने का अनुमान है।
किन जिलों में है ज्यादा असर
भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल में भारी बारिश और ओले गिरने की आशंका है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज हवा, बिजली चमकने और हल्की बारिश का दौर बना रह सकता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि मौसम विभाग ने कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की है। मई के महीने में ऐसा कम ही देखने को मिलता है, जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर एक साथ कमजोर पड़ जाए।
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आखिर मौसम अचानक क्यों बदला?
पिछले दो दिन से प्रदेश में मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव है। इसी वजह से मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। टीकमगढ़ में सवा इंच, दतिया में आधा इंच और नौगांव में पौन इंच बारिश हुई।
इसके अलावा ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर, देवास, खंडवा, मंदसौर, झाबुआ, बालाघाट और श्योपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। श्योपुर में ओले भी गिरे हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, सक्रिय सिस्टम के कारण नमी बढ़ी है, जिससे तेज गर्मी पर ब्रेक लगा है।
कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे
बारिश और बादलों का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। नौगांव में सिर्फ तीन दिन के भीतर तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। 27 मई को यहां अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री था, जो घटकर 35.5 डिग्री पहुंच गया।
शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। ग्वालियर में 35.6, जबलपुर में 38.2, इंदौर में 38.8, उज्जैन में 39 और भोपाल में 40 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। हालांकि नरसिंहपुर सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.2 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम परिवर्तन से कम होगा हीटस्ट्रोट का खतरा
नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। तापमान घटने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो सकता है। हालांकि बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद भी हो सकता है, लेकिन ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।











