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MP में थमेगी बारिश, मानसून का काउंटडाउन शुरू! इन संभागों से पहले होगी विदाई

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल कमजोर पड़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं रहेगा, जिससे कई इलाकों में तेज धूप निकल सकती है। पश्चिमी हिस्सों में मानसून की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। उज्जैन और ग्वालियर संभाग से इसकी विदाई पहले शुरू होने की संभावना है।
MP में थमेगी बारिश, मानसून का काउंटडाउन शुरू! इन संभागों से पहले होगी विदाई
MP में बारिश थमी, तेज धूप का दौर

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश से राहत मिल सकती है और दिन के समय धूप का असर बढ़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को कुछ जिलों में तेज धूप रहेगी, जबकि कई जगह बादल और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बुधवार से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। पश्चिमी हिस्सों में मानसून की रेखा आगे बढ़ने के साथ उज्जैन और ग्वालियर संभाग से विदाई के संकेत मिल रहे हैं।

चार दिन बारिश पर ब्रेक

मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों के दौरान किसी बड़े मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। इसका असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई देगा। कई इलाकों में बादल कम होंगे और दिन के समय तेज धूप निकल सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में मौसम के इस बदलाव का असर ज्यादा महसूस होने की संभावना है।

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आज कुछ जिलों में धूप

मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में तेज धूप रहने का अनुमान है। दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से प्रदेश के करीब आधे हिस्से में धूप का असर बढ़ सकता है। 2 अक्टूबर तक ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है।

अब मानसून की विदाई का समय

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। अब मानसून की वापसी का दौर शुरू होने वाला है। राजस्थान और पंजाब के कई हिस्सों से मानसून पहले ही लौट चुका है। इसकी वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों तक पहुंच गई है। ऐसे में उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून की विदाई पहले होने के संकेत मिल रहे हैं।

प्रदेश में अब तक कैसी रही बारिश

इस साल मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी हिस्से में कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा दर्ज हुई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी औसत से कम पानी गिरा है।

26 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी समेत कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद पूरे प्रदेश का कुल बारिश आंकड़ा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बताया गया है।

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जून की कमी नहीं हो सकी पूरी

इस मानसून सीजन में जून की शुरुआत कमजोर रही थी। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के ब्रेक और जून की कमी के कारण पूरे सीजन का आंकड़ा सामान्य तक नहीं पहुंच सका। प्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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