MP Weather:रावण दहन पर बारिश का साया!इंदौर सहित 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

इंदौर - मध्यप्रदेश में दशहरे के उत्साह के बीच मौसम लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन समेत 14 जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, पूर्वी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खुला रहने का अनुमान जताया गया है।बारिश की आशंका ऐसे समय में है, जब शहरों और कस्बों में दशहरे की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रावण दहन के लिए मैदानों में व्यवस्थाएं की जा रही हैं और कई स्थानों पर मंच, टेंट तथा सजावट लगाई गई है। रविवार को हुई बारिश ने पहले ही कुछ आयोजनों की तैयारियों को प्रभावित किया है। ऐसे में दशहरे के दिन मौसम में होने वाले बदलाव पर आयोजकों और लोगों की नजर रहेगी।
दशहरे पर पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 19 से 22 अक्टूबर के बीच प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश की संभावना जताई गई है।इन जिलों में मौसम बदलने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ बारिश होने की स्थिति में खुले मैदानों में आयोजित कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। आयोजकों को टेंट, मंच और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।दूसरी ओर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। इससे साफ है कि दशहरे के दिन मौसम का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा।
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दशहरे से पहले भी बदलेगा मौसम, 15 जिलों में बारिश का अनुमान
सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बादल बरस सकते हैं। मौसम विभाग ने भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।दशहरे से ठीक पहले मौसम में बदलाव होने से बाजारों में खरीदारी करने निकलने वाले लोगों और आयोजन स्थलों पर तैयारियों में जुटे कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है। अचानक बारिश होने पर खुले स्थानों में रखी सामग्री को सुरक्षित करना भी चुनौती बन सकता है।
तेज हवाओं और बारिश ने पहले ही बिगाड़ी तैयारियां
रविवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हुई तेज बारिश ने त्योहार की तैयारियों पर असर डाला। इंदौर, सीहोर और शाजापुर में बारिश दर्ज की गई। सीहोर में तेज हवाओं के कारण माता के पंडालों पर लगे टेंट उड़ गए। महू में गरबा और माता स्थापना के लिए बनाए गए पंडालों में पानी भरने की स्थिति बन गई।दशहरे के लिए तैयार किए गए रावण के पुतले भी बारिश में भीग गए। इससे आयोजकों को व्यवस्थाएं संभालने में परेशानी हुई। अब दशहरे के दिन दोबारा बारिश की संभावना के चलते खुले मैदानों में होने वाले आयोजनों को लेकर सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया है।
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गुना में बारिश से मक्का की फसल प्रभावित
बेमौसम बारिश ने किसानों और व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। गुना में रविवार शाम अचानक मौसम बदला और आधे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश हुई। बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया।ग्रामीण इलाकों में खेतों में काटकर रखी गई मक्का की फसल भीग गई। वहीं, मंडी में खुले में सुखाने के लिए रखी गई मक्का भी बारिश के पानी से प्रभावित हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अनाज पानी के साथ नालियों में बह गया। इससे व्यापारियों को लाखों रुपए का नुकसान होने की बात सामने आई है।फसल कटाई के बाद अनाज को सुखाने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया के बीच हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रह सकता है।
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मानसून की विदाई के बाद फिर सक्रिय हुआ मौसम
मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार 3 अक्टूबर को विदा हो गया था। इसके बावजूद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से से गुजर रही ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बादल बन रहे हैं और कई इलाकों में बारिश हो रही है।पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के अलग-अलग जिलों में आंधी और बारिश का दौर देखा जा रहा है। कुछ इलाकों में पिछले चार दिनों से तेज बारिश हो रही है। मौसम में इस बदलाव के कारण अक्टूबर में कभी तेज धूप, कभी रात में ठंडक और फिर बारिश जैसी परिस्थितियां बन रही हैं।मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला रुझान देखने को मिलता रहा है। इस साल भी मौसम में इसी तरह के उतार-चढ़ाव सामने आ रहे हैं। महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के बाद अब फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बार प्रदेश में मानसून लगभग 100 दिन तक सक्रिय रहा।
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25 जिलों में बारिश का आंकड़ा पूरा, 30 जिले अब भी पीछे
प्रदेश में मानसून के दौरान हुई बारिश के आंकड़ों में जिलों के बीच अंतर देखने को मिला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।बारिश का कोटा पूरा करने वाले जिलों में भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
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वहीं, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में सामान्य से कम बारिश होने की जानकारी दी गई है।इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहा है। कुछ जिलों में पर्याप्त बारिश दर्ज की गई, जबकि कई क्षेत्रों में सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए बारिश की कमी बनी हुई है।
खुले मैदानों में कार्यक्रम करने वालों को सतर्क रहने की सलाह
दशहरे के दिन पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए आयोजकों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। खुले मैदानों में लगाए गए टेंट, मंच, बिजली के अस्थायी कनेक्शन और सजावटी ढांचों को सुरक्षित रखना जरूरी है। गरज-चमक या तेज हवाओं के दौरान लोगों को असुरक्षित अस्थायी ढांचों से दूर रहने की सावधानी भी बरतनी चाहिए।फिलहाल इंदौर और आसपास के जिलों में दशहरे के दिन मौसम कैसा रहेगा, यह स्थानीय परिस्थितियों और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर निर्भर करेगा।




















