Weather Update: दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश से बदला मौसम, 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दिल्ली-NCR में रविवार देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि तापमान में गिरावट आने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 12 अक्टूबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बर्फबारी को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-NCR में बारिश से जलभराव
दिल्ली-NCR में देर रात से जारी बारिश का असर सोमवार सुबह भी देखने को मिला। कई जगहों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में आए बदलाव से राजधानी के तापमान में भी गिरावट की संभावना है। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में घर से निकलने वाले लोगों को जलभराव वाले रास्तों और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
कालका और झंडेवालान मंदिर के पास बारिश का असर
नवरात्र के पहले दिन हुई भारी बारिश ने दिल्ली के मंदिरों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। कालका मंदिर के पास बारिश से बचने के लिए श्रद्धालु इधर-उधर जाते दिखाई दिए। वहीं, झंडेवालान मंदिर के आसपास जलभराव की स्थिति सामने आई। धार्मिक आयोजनों के दौरान अचानक हुई बारिश से व्यवस्था संभालने वाले आयोजकों की चिंता भी बढ़ गई। श्रद्धालुओं को सलाह है कि वे मंदिर जाने से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की जानकारी जरूर लें।
24 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और कमजोर ढांचे गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। मौसम का असर उत्तर भारत के साथ पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, हर राज्य और जिले में मौसम की स्थिति अलग-अलग रह सकती है।
इन राज्यों में मौसम पर खास नजर रखें-
- दिल्ली-NCR: गरज-चमक के साथ बारिश और तापमान में गिरावट की संभावना।
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बारिश के आसार।
- बिहार: उत्तरी और पूर्वी जिलों में हल्की बारिश की संभावना।
- पंजाब: तेज हवाओं, गरज-चमक और कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान।
- हरियाणा: 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- राजस्थान: पश्चिमी जिलों में धूलभरी आंधी और छिटपुट बारिश की संभावना।
- पश्चिम बंगाल और झारखंड: कुछ इलाकों में तेज आंधी और बारिश का खतरा।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और बर्फबारी का खतरा
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। लगातार बारिश होने पर पहाड़ी सड़कों पर मलबा गिरने और यातायात बाधित होने की आशंका रहती है। इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। तेज हवा और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना भी जरूरी है।
पाकिस्तान से आ रही ट्रफ लाइन से बदला मौसम
मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम भारत से मध्य भारत तक फैली ट्रफ लाइन और वायुमंडलीय परिस्थितियों की भूमिका बताई गई है। उपलब्ध मौसम विवरण के अनुसार, यह ट्रफ पाकिस्तान के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दिशा में फैली है। ऐसी मौसमी प्रणालियां वातावरण में नमी और हवा के प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। इसके कारण बादल बनने, गरज-चमक और कुछ इलाकों में बारिश की स्थिति पैदा हो सकती है।
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बंगाल की खाड़ी से भी बढ़ सकती है मौसमी हलचल
पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और आसपास के वायुमंडलीय बदलाव मौसम को प्रभावित कर सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। इन परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की संभावना बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में।
मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
मध्य प्रदेश के अधिकांश पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान दिया गया है। हालांकि, उत्तरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में ट्रफ लाइन के प्रभाव से आंशिक बादल छा सकते हैं। दिन के समय धूप निकलने से कुछ क्षेत्रों में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। मौसम में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए लोगों को अपने जिले का अपडेट देखना चाहिए।
बारिश और आंधी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के बीच सावधानी बरतना जरूरी है।
- मौसम विभाग के ताजा अलर्ट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखें।
- तेज आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें।
- जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- आकाशीय बिजली चमकने पर खुले मैदान में खड़े न रहें।
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लें।
- तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।



















