धीरे-धीरे नदी को निगल रही जलकुंभी! सीहोर में सीवन नदी बचाने के लिए शुरू हुआ बड़ा अभियान

सीहोर। शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी को जलकुंभी के संकट से मुक्त कराने और उसके अस्तित्व को बचाने के लिए सीवन पुत्र टीम ने एक नई पहल शुरू की है। रविवार को विसर्जन कुंड पर सीवन नाव पूजन के साथ जलकुंभी हटाओ अभियान का आगाज हुआ। टीम ने संकल्प लिया कि नदी को जलकुंभी से ढकने नहीं दिया जाएगा और उसे स्वच्छ बनाकर सालभर पानी से भरपूर रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। यह पहल सफाई तक सीमित नहीं रहेगी। इसके साथ नदी, प्रकृति, जीव-जंतुओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश है।
नाव पूजन से शुरू हुआ नदी बचाने का अभियान
रविवार को विसर्जन कुंड पर अभियान की शुरुआत उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुई। सीवन पुत्र गोपाल आर्य, कनीराम मालवीय, शैलेन्द्र सिंह चंदेल और प्रकाश यादव ने सबसे पहले घाट की सफाई की और नदी में पड़ा कचरा बाहर निकाला। इसके बाद सीवन नाव को फूलों और तिरंगे से सजाया गया। नाव में बच्चों को बैठाकर नदी संरक्षण के इस अभियान को नई पीढ़ी से जोड़ने का संदेश दिया गया। नाव का पूजन किया गया और फीता काटकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
आज नहीं चेते तो जलकुंभी निगल सकती है नदी का अस्तित्व
सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने जलकुंभी की समस्या की गंभीरता बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में जलकुंभी पानी की ऊपरी सतह पर है और इसे निकालना अपेक्षाकृत आसान है। यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो यह फैलकर नदी की सतह को ढक सकती है। इससे पानी तक पहुंच और जलीय जीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जलकुंभी को शुरुआती अवस्था में हटाने के उद्देश्य से अक्टूबर माह में अभियान शुरू किया गया है, ताकि समय रहते नदी को इस समस्या से बचाया जा सके।
नदी में पानी रहेगा तो प्रकृति और जीवन भी सुरक्षित रहेगा
प्रदीप चावड़ा ने कहा कि सीवन नदी में जल की उपलब्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है। नदी के सूखने या उसके दूषित होने का असर केवल नदी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं और आसपास के पर्यावरण पर भी पड़ता है। जलस्रोतों पर दबाव बढ़ने से लोगों को भी परेशानी हो सकती है। सीहोर आने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए भी स्वच्छ जल की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। टीम का उद्देश्य है कि सीवन में जल बना रहे, नदी स्वच्छ रहे और प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहे।
राष्ट्रगीत से बढ़ाया उत्साह, नदी संरक्षण को बताया राष्ट्रीय पहल
कार्यक्रम के दौरान सीवन पुत्र वैभव राठौर और अशोक नामदेव ने राष्ट्रगीत के माध्यम से उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया। समाजसेवी जमुना प्रसाद पाटीदार ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित का महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शैलेन्द्र सिंह चंदेल ने नदी संरक्षण के लिए सीवन पुत्रों की पहल को राष्ट्रीय महत्व का प्रयास बताया। सेना से सेवानिवृत्त रामगोपाल आर्य ने विश्वास जताया कि टीम जलकुंभी हटाकर नदी संरक्षण के क्षेत्र में इतिहास रचेगी। समाजसेवी प्रेम राय और प्रदीप सरकार ने अभियान को प्रकृति के लिए सकारात्मक बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
सेवा करने वालों का सम्मान, जन्मदिन भी मनाया
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद सीहोर के कर्मचारी राजेश दुबे का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सीवन पुत्र राजकुमार सोनी का जन्मदिन भी मनाया गया। वहीं, प्रकाश यादव ने गंदे स्थानों पर पड़े देवी-देवताओं के चित्रों और पुस्तिकाओं को एकत्रित कर सम्मानपूर्वक हटाया। इस पहल ने स्वच्छता के साथ धार्मिक आस्था और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने का संदेश भी दिया।
सीवन की स्वच्छता का लिया संकल्प
कार्यक्रम में रामगोपाल आर्य, शैलेन्द्र सिंह चंदेल, आकाश माथुर, सुरेश भगत, राजकुमार सोनी, प्रदीप चावड़ा, अशोक नामदेव, विनीत राठौर, मुकेश राय, प्रेम राय, कनीराम मालवीय, वैभव राठौर, प्रदीप सरकार, जमुना प्रसाद पाटीदार, प्रकाश यादव, राजेश दुबे, राधेश्याम मकवाना, गजेंद्र सूर्यवंशी, तनिष्का यादव, अलका कुशवाहा, रानी अहिरवार, विनय शर्मा और अमित खेड़ले सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सीवन को स्वच्छ रखने और नदी संरक्षण के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया।




















