MP विधानसभा का दूसरा दिन :UCC विधेयक पर आज होगी चर्चा, कांग्रेस के विरोध के आसार

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। आज सदन में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक समेत करीब 14 विधेयकों पर चर्चा होगी। UCC को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।
पहले दिन कांग्रेस ने जताया था विरोध
सोमवार को सरकार ने UCC विधेयक सदन के पटल पर रखा था। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक विधानसभा की मूल कार्यसूची में शामिल नहीं था और इसे अचानक पेश किया गया। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सहमति बनने के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी की गई थी, जिसमें इस विधेयक को शामिल किया गया।
आज हंगामे की संभावना
कांग्रेस UCC विधेयक का विरोध करेगी, जबकि भाजपा इसके समर्थन में मजबूती से खड़ी है। ऐसे में दूसरे दिन भी सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में उठेंगे ये मुद्दे
नियम 138(1) के तहत दो विधायक सरकार का ध्यान महत्वपूर्ण मामलों की ओर आकर्षित करेंगे।
अजय विश्नोई जबलपुर के मझौली विकासखंड में किसानों को धान और गेहूं खरीदी का भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा उठाएंगे।
सोहनलाल बाल्मीक परासिया की ग्रीन लाइट एसीसी ब्लॉक्स फैक्ट्री में विस्फोट के बाद घायल मजदूरों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला उठाएंगे।
इन अहम मुद्दों पर भी होगी चर्चा
आज कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय सदन में रखेंगे।
संपत्ति की गाइडलाइन और रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग।
भोपाल के श्याम नगर में पेयजल और सीवेज लाइन की समस्या।
विदिशा के सिरोंज सिविल अस्पताल में डायलिसिस और सोनोग्राफी सेवाएं शुरू करने की मांग।
निवाड़ी में सरकारी लॉ कॉलेज और रतलाम के जावरा में कृषि महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव।
अनूपपुर जिले में आयुर्वेदिक औषधालयों के उन्नयन और नए भवनों की मांग।
पहले दिन UCC पर जमकर हुआ था हंगामा
मानसून सत्र के पहले दिन UCC विधेयक पेश होते ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधेयक को अनुपूरक कार्यसूची में "चोरी-छिपे" शामिल किया है। भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि विरोध से UCC लागू होने की प्रक्रिया नहीं रुकेगी।
इसके अलावा खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की समस्याएं और उज्जैन की जमीन खरीदी का मामला भी सदन में उठा। वहीं विधानसभा के बाहर 27% ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पहले दिन की कार्यवाही के बाद सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।











