मोहन सरकार का बड़ा ऐलान:भैरूंदा से 1763 करोड़ की सड़क परियोजना शुरू, विकास को मिली रफ्तार

सीहोर। मध्यप्रदेश में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीहोर जिले के भैरूंदा में 10 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV और पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन और पुष्प वर्षा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत मध्यप्रदेश में व्यापक सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत-
- कुल लागत: 1763 करोड़ रुपए से अधिक
- कुल लंबाई: 2117 किलोमीटर सड़कें
- कुल सड़कें: 963 नई सड़कें
- लाभान्वित बसाहटें: 987 गांव और बस्तियां
इन सड़कों का सीधा असर ग्रामीण जीवन पर पड़ेगा। आवागमन आसान होगा, स्कूलों तक पहुंच बेहतर होगी, स्वास्थ्य सेवाओं की दूरी कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया आधार मिलेगा। सीहोर जिले में इस योजना के तहत विशेष ध्यान दिया गया है। यहां लगभग 165 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सकेगा। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 209 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है, जो ग्रामीण इलाकों को एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जोड़ेंगी।
यह भी पढ़ें: Bengalore : बेंगलुरु में PM मोदी के कार्यक्रम से 3 किमी दूर मिलीं जिलेटिन स्टिक, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
कार्यक्रम की शुरुआत और माहौल
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दीप प्रज्वलन और पुष्प वर्षा के साथ की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें ग्रामीण बदलाव की कहानी को दिखाया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज मध्यप्रदेश विकास के एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तेज और स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में अब सड़क, पानी और आवास जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। राज्य में विकास की गति पहले से कई गुना बढ़ी है।
5000 करोड़ की सौगात और योजनाओं का विस्तार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को लगभग 5000 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात मिली। इसमें सड़क, आवास और अन्य ग्रामीण परियोजनाएं शामिल हैं। CM ने कहा कि वे सभी मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, जो राज्य और क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल योजनाएं लागू नहीं करता, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करता है।
यह भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay : एमपी के शिवराज की राह पर तमिलनाडु के सीएम विजय, 'मामा' बनकर जीत रहे युवाओं का दिल
PM जनमन योजना और आवास सहायता
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2055 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना के तहत 261 करोड़ रुपए की नई सड़क परियोजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क सुधार पर जोर है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह समय विकास के महायज्ञ का है, जिसमें सभी मिलकर योगदान दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- गांव ही विकास की रीढ़
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल योजनाएं लागू नहीं करता, बल्कि लक्ष्य हासिल करने में भी आगे रहता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV में 2500 किलोमीटर नई सड़कें बनेंगी इसके अलावा जल जीवन मिशन से हर घर तक पानी पहुंच रहा है जो ग्रामीण विकास अब राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुका है। केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि सड़क निर्माण से गांव और शहर के बीच दूरी कम हुई है। किसान अब आसानी से मंडियों तक पहुंच पा रहे हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर हुई हैं।
मध्यप्रदेश को मिला राष्ट्रीय सम्मान
मध्यप्रदेश को ग्रामीण सड़क निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। कार्यक्रम में कई राज्यों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें मध्यप्रदेश ने सड़क निर्माण में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक कुल 90,766 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा चुकी हैं, जिससे गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी बनी है। इस सूची में राजस्थान दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा।
बसाहटों को जोड़ने के मामले में बिहार पहले स्थान पर रहा, जबकि मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। सड़क रखरखाव के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया गया है। इसके अलावा असम, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा के प्रतिनिधियों को भी उनके अच्छे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।











