चित्रकूट में बाढ़ का तांडव! मंदाकिनी उफनी, पुल बहा; घरों में घुसा पानी

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगहों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, गोरगी बांध के टूटने की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट है।
मंदाकिनी नदी ने दिखाया रौद्र रूप
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। इससे रामघाट क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदी करीब 30 फीट उफान पर होने की बात सामने आई है। तेज बहाव के कारण नदी का पानी निचले इलाकों में पहुंच गया। घाट और आसपास के क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल भी तेज बहाव की चपेट में आने से बहने की सूचना है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पर असर पड़ा है।
भरत घाट में दो मंजिला मकान डूबा
बाढ़ का पानी भरत घाट इलाके तक भी पहुंच गया। यहां एक दो मंजिला मकान पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मकान में मौजूद परिवार बाहर निकलने की कोशिश में फंस गया था। बाद में परिवार को नाव की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की गई। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
सतना में रेलवे ट्रैक पर भरा पानी
लगातार बारिश का असर सतना जिले में भी देखने को मिल रहा है। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। रेलवे ट्रैक पर पानी आने के कारण एक पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारी ट्रैक की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर सामान्य होने तक ट्रेनों की आवाजाही में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
पुलिस थानों में भी घुसा पानी
सतना के कई इलाकों में बारिश के कारण पुलिस थानों और सरकारी परिसरों में भी पानी भर गया है। कुछ जगहों पर पुलिसकर्मी जलभराव के बीच काम करने को मजबूर हैं। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की चेतावनी दी है।
कई गांवों का संपर्क प्रभावित
ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल-पुलियों पर पानी आने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रही हैं। चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में इससे पहले भी बरदहा नदी के उफान के कारण कई गांव प्रभावित हुए थे। नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों का संपर्क बाधित हुआ था।
प्रशासन और राहत टीमें अलर्ट
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।




















