नेपाल बाढ़ में MP के 7 लोग फंसे, अनूपपुर की दो बहनें सुरक्षित मिलीं; 5 की तलाश जारी

भोपाल। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच मध्य प्रदेश के कम से कम सात लोगों के फंसे या लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत की बात यह है कि अनूपपुर की दो बहनें पलक और पल्लवी मांझी सुरक्षित मिल गई हैं। दोनों के पोखरा में होने की जानकारी परिवार को मिली है और रविवार को उनके घर लौटने की उम्मीद है। वहीं विदिशा की स्वाति बागरेचा समेत पांच अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है। इन लोगों के परिवार लगातार अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। लापता लोगों के परिजनों ने राज्य की इमरजेंसी हेल्पलाइन और दिल्ली कंट्रोल रूम से संपर्क किया है। नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच मध्य प्रदेश के लोगों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दो दिन बाद मिलीं पलक-पल्लवी
अनूपपुर जिले की रहने वाली बहनें पलक और पल्लवी मांझी छुट्टी मनाने के दौरान नेपाल में आई बाढ़ में फंस गई थीं। परिवार का दोनों से करीब दो दिनों तक संपर्क नहीं हो पाया था। कोटमा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रत्नाम्बर शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को परिवार को दोनों बहनों के पोखरा में सुरक्षित होने की खबर मिली। परिवार के मुताबिक उनके पिता ने भी दोनों से फोन पर बात की। दोनों के रविवार को घर लौटने की उम्मीद है।
रायसेन के दो भाइयों का भी सुराग नहीं
रायसेन के विकास और हिमांशु राजपूत भी नेपाल में फंसे बताए जा रहे हैं। दोनों एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करते हैं। परिवार उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है। वहीं देवास के शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के रिश्तेदारों ने भी मदद के लिए दिल्ली कंट्रोल रूम से संपर्क किया है। यह कंट्रोल रूम नेपाल में फंसे या लापता मध्य प्रदेश के लोगों की मदद के लिए बनाया गया है।
चार दिन से स्वाति बागरेचा का इंतजार
विदिशा की रहने वाली 50 वर्षीय स्वाति बागरेचा पिछले चार दिनों से लापता हैं। टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यों वाले ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली से रवाना हुई थीं। उनके भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा के मुताबिक परिवार ने स्वाति से आखिरी बार 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे बात की थी। उस समय वह इमिग्रेशन की औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर पहुंची थीं। प्रशांत ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि उनका मोबाइल अभी भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं। परिवार के मुताबिक स्वाति की 14 साल की बेटी अनुष्का मुंबई में अपनी बड़ी बहन के साथ रुकी हुई थी।
मोबाइल की लोकेशन चीनी बॉर्डर के पास मिली
स्वाति के परिवार के अनुसार, लोकेशन लॉग से पता चला कि उनका मोबाइल फोन चीनी बॉर्डर के पास कहीं एक्टिव था। हालांकि, फोन को ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि नंबर टोरंटो में रजिस्टर्ड है। परिवार ने नेपाल में कनाडाई और भारतीय दूतावासों से भी संपर्क किया है और स्वाति को खोजने में मदद मांगी है।
शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से की बात
परिवार के मुताबिक स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के दखल के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से बात की। इसके बाद स्वाति को खोजने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए गए।
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नेपाल में बाढ़ से बिगड़े हालात
26 अगस्त को नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ आ गई थी। बाढ़ का पानी बाद में त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में बह गया और निचले इलाकों को भी प्रभावित किया। नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच मध्य प्रदेश के जिन परिवारों के अपने लोग अभी तक लापता हैं, वे लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




















