बांधवगढ़ में फिर सन्नाटा!ना निशान, ना सुराग… फिर कैसे डेढ़ साल के तेंदुए ने तोड़ा दम?

उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर वन्यजीव की मौत का मामला सामने आया है। पातौर परिक्षेत्र के जंगल में डेढ़ वर्षीय नर तेंदुए का शव मिलने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया। शुरुआती जांच में शिकार की आशंका नहीं मिली है, लेकिन मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच कराई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में सघन जांच अभियान चलाया गया।
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ना निशान, ना सुराग… फिर कैसे डेढ़ साल के तेंदुए ने तोड़ा दम?
File Photo

उमरिया। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में  पातौर कोर क्षेत्र में एक युवा तेंदुए का शव मिला। शुक्रवार को गश्त के दौरान वन अमले को जंगल के भीतर बांस के झुरमुट से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से आसपास के पूरे क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई।

जंगल में मिला तेंदुए का शव

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पातौर परिक्षेत्र में वन कर्मचारियों की नियमित गश्त चल रही थी। इसी दौरान बीट मझौली के कक्ष क्रमांक RF-404 में बांस के झुरमुट के पास से तेज बदबू आने लगी। वन अमले को कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां एक तेंदुआ मृत हालत में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही रिजर्व प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जंगल के उस हिस्से को सुरक्षा घेरे में लिया गया ताकि किसी भी तरह के सबूत नष्ट न हों। वन विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू की।

डेढ़ साल का था तेंदुआ शावक

वन विभाग की जांच में पता चला कि मृत तेंदुआ नर था और उसकी उम्र करीब डेढ़ साल थी। विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर शव का परीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ पूरी तरह जवान होने की अवस्था में था।

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डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर से हुई जांच

घटना के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक कार्यालय के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई। जांच टीम ने डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के पूरे इलाके की तलाशी ली। इसके साथ ही मेटल डिटेक्टर से शव और आसपास की जगह की जांच की गई ताकि किसी गोली, फंदे या अन्य संदिग्ध सामग्री का पता लगाया जा सके। हालांकि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे शिकार की पुष्टि हो सके। वन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले में शिकार की संभावना कम दिखाई दे रही है क्योंकि तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया पोस्टमार्टम

मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. राजेश तोमर और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन चंद्र आदर्श की टीम ने किया। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया तय नियमों और निगरानी के बीच पूरी की गई। डॉक्टरों ने शव से जरूरी नमूने भी सुरक्षित रखे हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वन विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

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वन अपराध प्रकरण दर्ज, जांच जारी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जंगल के आसपास की गतिविधियों और इलाके में आने जाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी बीमारी, आपसी संघर्ष या प्राकृतिक कारण से तेंदुए की मौत तो नहीं हुई।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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