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इंटरसिटी एक्सप्रेस बस में भीषण आग:4 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत

शाजापुर के पास होटल जैन पथ पर खड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस बस में अचानक आग लगने से 4 वर्षीय मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई। यात्रियों ने बस चालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बस में इमरजेंसी गेट और अग्निशमन यंत्र नहीं होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
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4 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत

इंदौर- आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल जैन पथ के पास गुरुवार देर रात इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस बस में अचानक आग लग गई। हादसे में चार वर्षीय मासूम अन्य जैन की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बस में सवार 50 से अधिक यात्रियों में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों और यात्रियों की मदद से कई लोगों की जान बचाई गई।घटना शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर हुई। बताया जा रहा है कि बस चाय-नाश्ते के लिए होटल जैन पथ पर रुकी थी। इसी दौरान बस के बोनट से पहले धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

 

“पहले से आ रही थी वायर जलने की बदबू”

बस में सवार यात्रियों ने आरोप लगाया कि सफर के दौरान काफी देर से वायरिंग जलने जैसी बदबू आ रही थी। कुछ यात्रियों ने चालक को इसकी जानकारी भी दी, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। महिला यात्री मालती शर्मा ने बताया कि यदि चालक समय रहते बस रुकवाकर जांच कर लेता तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था। यात्रियों का कहना है कि होटल पर बस रुकने के पांच मिनट बाद ही बोनट से धुआं उठने लगा और फिर अचानक आग भड़क गई।

 

भगदड़ में सीट के नीचे दब गया मासूम

हादसे के समय बस में करीब 50 से अधिक यात्री सवार थे। आग लगते ही यात्रियों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। कई लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले। इसी अफरातफरी में चार वर्षीय अन्य यात्रियों के पैरों के नीचे दबकर सीट के नीचे चला गया और बाहर नहीं निकल सका। मासूम के पिता अभिषेक जैन ने रोते हुए बताया कि वे पत्नी और दो बच्चों के साथ इंदौर से रात 10 बजे शिवपुरी के लिए निकले थे। रास्ते में ही वायर जलने की बदबू आने लगी थी। उन्होंने कहा कि बस में न तो इमरजेंसी गेट था और न ही अग्निशमन यंत्र की कोई व्यवस्था थी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मासूम का शव सीट के नीचे से जली हुई अवस्था में निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल शाजापुर भेजा गया।

 

 मेरा बच्चा जलकर मर गया

अभिषेक जैन ने प्रशासन और बस संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मेरा बच्चा जलकर मर गया। मीडिया से हाथ जोड़कर कहता हूं कि आगे किसी का बच्चा ऐसे न मरे। मेरा भविष्य जल गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड को फोन करने के बावजूद मदद देर से पहुंची। पहली फायर ब्रिगेड में पानी तक नहीं था। बाद में कई दमकल वाहनों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

 

बस चालक और क्लीनर फरार

घटना के बाद बस चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मक्सी थाना पुलिस, तराना थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मक्सी, तराना और शाजापुर से पहुंची पांच फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग बुझाने का काम किया।हादसे में यात्रियों का सामान भी जलकर राख हो गया। इस बीच अभिषेक जैन ने बस में मिले लाखों रुपए के गहने ईमानदारी दिखाते हुए पुलिस को सौंप दिए। बेटे को न बचा पाने का दर्द झेल रहे पिता ने कई यात्रियों की जान बचाने में भी मदद की।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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