कक्षा में हुई घटना बनी मौत की वजह?शिक्षिका पर मारपीट का आरोप, भोपाल अस्पताल में टूटा मासूम का सफर

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक निजी स्कूल से जुड़ा मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। तेंदूखेड़ा क्षेत्र के एक स्कूल में पढ़ने वाले 7 वर्षीय छात्र की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजन बच्चे का शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और स्कूल की शिक्षिका पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
होमवर्क न करने पर मारपीट
यह पूरा मामला 19 फरवरी का बताया जा रहा है, जब काव्य नामदेव नाम के 7 वर्षीय छात्र को स्कूल में होमवर्क न करने पर कथित रूप से डांटा और मारा गया। परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका ने बच्चे के हाथ, पैर और सिर पर स्केल से मारपीट की, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, मारपीट के कुछ समय बाद बच्चे को बुखार आने लगा और उसने खाना पीना भी छोड़ दिया। इसके बाद परिवार उसे स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
अस्पतालों के चक्कर और गंभीर होती हालत
परिवार ने बच्चे को तेंदूखेड़ा से चिरायु अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे के सिर में सूजन है और यह चोट लगने के कारण हो सकता है। इसके बाद उसे जबलपुर के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां लगभग 10 दिन तक इलाज चला लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। स्थिति गंभीर बनी रहने पर बच्चे को भोपाल एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां करीब दो महीने तक उसका इलाज चला लेकिन डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद बच्चे की जान नहीं बच सकी। शुक्रवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मौत के बाद एसपी कार्यालय पहुंचे परिजन
बच्चे की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में आ गया। शनिवार सुबह परिजन शव लेकर दमोह एसपी कार्यालय पहुंचे और स्कूल की शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यह पूरी घटना मारपीट के कारण हुई है और दोषी को सजा मिलनी चाहिए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले दर्ज की गई शिकायत में सही तरीके से नाम नहीं जोड़े गए और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और SIT का गठन
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल SIT का गठन कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
स्कूल प्रबंधन ने दी सफाई
स्कूल संचालक विक्रम सिंह ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि जैसे ही उन्हें शिकायत मिली, उन्होंने संबंधित शिक्षिका को तुरंत नौकरी से हटा दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्कूल ने इलाज के दौरान परिवार की पूरी मदद की और आर्थिक सहयोग भी दिया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि परिजनों ने पहले कार्रवाई से सहमति जताई थी और वे भी चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो।
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शिक्षिका के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज
थाना प्रभारी के अनुसार, घटना के समय शिक्षिका के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। जांच भी शुरू हुई थी लेकिन रिपोर्ट अभी तक पूरी तरह सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।











