POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे को झटका :HC का गिरफ्तारी पर रोक से इनकार, नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

हैदराबाद। तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े POCSO मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि, इस स्तर पर आरोपी को कोई अंतरिम राहत देना उचित नहीं होगा।
आधी रात तक चली हाईकोर्ट में सुनवाई
जस्टिस टी माधवी देवी की वेकेशन बेंच ने शुक्रवार शाम बंदी भगीरथ की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की। दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस चली और सुनवाई करीब आधी रात तक जारी रही। सुनवाई के दौरान भगीरथ के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि, अंतिम आदेश आने तक उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। जस्टिस माधवी देवी ने कहा कि, उन्होंने पीड़िता का बयान पढ़ा है और फिलहाल वह कोई भी अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं हैं। अब इस मामले में अगला आदेश वेकेशन कोर्ट में सुनाया जाएगा।
17 साल की लड़की की मां ने दर्ज कराया केस
यह मामला 8 मई को सामने आया था, जब 17 वर्षीय लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि, बंदी भगीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और उसने लड़की का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद मामले में POCSO एक्ट की सख्त धाराएं जोड़ दी गईं।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि, आरोपी का परिवार बेहद प्रभावशाली है। अगर उसे राहत दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। इसी आधार पर आरोपी को किसी भी तरह की अंतरिम राहत न देने की मांग की गई।
वहीं बचाव पक्ष ने दावा किया कि, शिकायतकर्ता खुद मान चुकी हैं कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। वकील ने कहा कि, लड़की के परिवार की ओर से शादी का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि, पहले 50 हजार रुपए लिए गए और बाद में 5 करोड़ रुपए की मांग कर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
भगीरथ ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप
बंदी भगीरथ ने भी करीमनगर पुलिस में एक काउंटर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि, लड़की और उसका परिवार उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है। भगीरथ का कहना है कि, लड़की उनके पारिवारिक कार्यक्रमों में आती-जाती थी और दोनों एक-दूसरे को जानते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि, जब उन्होंने शादी से इनकार किया, तब लड़की के परिवार ने बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी। भगीरथ के मुताबिक, उन्होंने 50 हजार रुपए दिए भी थे, लेकिन बाद में 5 करोड़ रुपए मांगे गए और पैसे नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
जज ने सोशल मीडिया अभियान पर जताई नाराजगी
सुनवाई शुरू होने से पहले जस्टिस टी माधवी देवी ने सोशल मीडिया पर चल रहे कथित दुष्प्रचार अभियान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया, जिससे उन्हें पीड़ा हुई है। हालांकि, दोनों पक्षों के वकीलों के अनुरोध पर उन्होंने मामले की सुनवाई जारी रखी।
बंदी संजय बोले- बेटा दोषी है तो सजा मिले
इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने पहले ही बयान दिया था कि, अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि, कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह अपने बेटे का बचाव नहीं कर रहे। उन्होंने कहा था, अगर मेरे बेटे ने गलती की है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है।
KTR ने मांगा बंदी संजय का इस्तीफा
इस मामले को लेकर के. टी. रामा राव ने भी भाजपा और तेलंगाना पुलिस पर सवाल उठाए हैं। KTR ने आरोप लगाया कि, मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। KTR ने मांग की है कि, बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए।
खैरताबाद बस स्टैंड पर लगे पोस्टर
इस विवाद के बीच हैदराबाद के खैरताबाद बस स्टैंड पर बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर भी लगाए गए। पोस्टरों में दावा किया गया कि, POCSO केस में आरोपी भगीरथ लापता हैं। इस घटना के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के अगले आदेश और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।











