भोपाल :यूसीसी के पक्ष में 62 फीसदी मुस्लिम महिलाएं, पुरुष 31 % ही, मुख्यमंत्री की अपील के बाद तीन दिन में मप्र से 2.25 लाख सुझाव आए

पुष्पेन्द्र सिंह,भोपाल। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर मध्यप्रदेश के आठ करोड़ लोगों में से अबतक सवा दो लाख लोगों ने अपने सुझाव दर्ज करा दिए हैं। यह संख्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अपील के बाद दो दिन में तेजी से बढ़ी है। अबतक आए सुझावों मेंं 62 फीसदी मुस्लिम महिलाएं यूसीसी के पक्ष में है जो पुरुषों से 31 प्रतिशत की अपेक्षा दोगुना अधिक हैं। मुस्लिम महिलाएं समान नागरिक संहिता में ऐसे भेदभावपूर्ण तलाक कानूनों को समाप्त करना चाहती हैं तो एक लिंग की तुलना में दूसरे को अधिक लाभ देते हैं।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर प्रदेश के लोगों से 22 जून तक सुझाव मांगे गए हैं। राज्य सरकार ने यूसीसी के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति के सदस्यों द्वारा जिलों में जाकर लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए ग्वालियर चंबल, जबलपुर और विंध्य के जिलों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। यूसीसी के लिए दिए गए 12 सवालों के उत्तर हां या ना में दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की अपील पर संख्या लाखों में पहुंची
उल्लेखनीय है कि 13 जून के पहले प्रदेशभर से करीब 13 हजार सुझाव मिले थे। मुख्यमंत्री ने शनिवार को वीसी के माध्यम से सभी कलेक्टरों से बात की और अधिक से अधिक सुझाव आने के लिए जन जागरुकता अभियान चलाने की बात की। सीएम ने यूसीसी पोर्टल का भी शुभारंभ किया। जानकारी है कि तीन दिन के भीतर सवा दो लाख सुझाव आ चुके हैं। दो दिन में सवा तीन करोड़ लोगों तक एसएमएस भी भेजे जा चुके हैं। जिलों से मिल रही खबरों के अनुसार समिति के समक्ष हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बौद्ध सहित सभी वर्ग के सुझाव आ रहे हैं। ज्यादातर यूसीसी के पक्ष में हैं।
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नागरिकों का कहना-हमारे सुझाव लेना अच्छी बात
छतरपुर के श्याम खरे कहते हैं राज्य सरकार ने हम नागरिकों के सुझाव लेने के बाद यूसीसी लागू करने का जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है। सतना के प्रदीप मिश्रा भी यूसीसी पर सुझाव लेने को अच्छा मान रहे हैं।
लाखों की संख्या में सुझाव आने के लिए ये बनी रणनीति
- समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा।
- नगरीय क्षेत्रों के साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा।
- नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
- शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव दें।
- विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाएं।
- स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाए।
जनता इसलिए खुश की उनसे पूछ कर बना रहे
शिक्षाविद् और समिति सदस्य गोपाल शर्मा ने कहा कि यूसीसी पर सुझाव लेने का काम जारी है। जनता इस बात को लेकर खुश है कि संहिता उनसे पूछकर बनाया जा रहा है। यूसीसी पर ज्यादातर आम राय होने के सुझाव मिल रहे हैं। हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई यूसीसी के पक्ष में दिख रहे हैं।











