एमपी शिक्षक भर्ती 2025 : नई मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश; शॉर्टकट की साजिश नाकाम, 14,964 आवेदनों की होगी जांच

मप्र हाईकोर्ट ने कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में चयन सूची को बोर्ड को भेजकर नई मेरिट लिस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। अब सूची में उन्हीं अभ्यर्थियों को जगह मिलेगी जो योग्यता रखते हैं और जिन्होंने प्रक्रिया का पालन किया है।
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नई मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश; शॉर्टकट की साजिश नाकाम, 14,964 आवेदनों की होगी जांच

जबलपुर। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में शॉर्टकट से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वाले हजारों अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने चयन सूची को वापस बोर्ड को भेजने के निर्देश देकर गलत जानकारी देने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर नई मेरिट लिस्ट बनाने कहा है। इस फैसले का असर चयन प्रक्रिया में शामिल 14 हजार 964 उम्मीदवारों पर पड़ेगा और उन सभी के आवेदनों की जांच होगी। अब केवल उन्हीं उम्मीदवारों को जगह मिलेगी जो वास्तव में योग्यता रखते हैं और जिन्होंने प्रक्रिया का ईमानदारी से पालन किया।

फॉर्म भरने में हुई गफलत

हाईकोर्ट ने ये निर्देश नरसिंहपुर की सोनम अगरिया व दो अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिए। पूरा विवाद भर्ती नियम पुस्तिका के खंड 7.7 से जुड़ा है, जिसके तहत आरसीआई (भारतीय पुनर्वास परिषद) से मान्यता प्राप्त स्पेशल एजुकेशन डिप्लोमा धारकों को 5% बोनस अंक देने का प्रावधान था। कुल 13,089 पदों के लिए निकली इस भर्ती में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पूरे प्रदेश में केवल 5,271 वैध आरसीआई सर्टिफिकेट धारक हैं, वहीं 14,964 अभ्यर्थियों ने बोनस अंकों के लालच में 'हां' का विकल्प चुन लिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक बगरेचा और विशाल बघेल ने पैरवी की।

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यह मासूमियत नहीं, सोची-समझी धोखाधड़ी

सुनवाई के दौरान जब जालसाजी पकड़ी गई, तो कई अभ्यर्थियों ने यू-टर्न लेते हुए दलील दी कि उनसे गलती से 'हां' टिक हो गया था और वे अब बोनस अंक छोड़कर सामान्य मेरिट में आना चाहते हैं। अदालत ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि परिणाम घोषित होने के बाद यू-टर्न लेना मासूमियत नहीं है। नियम बीच भर्ती में नहीं बदले जा सकते। अगर इन अभ्यर्थियों को मौका दिया गया, तो यह ईमानदार उम्मीदवारों को सजा देने और बेईमानी को बढ़ावा देने जैसा होगा।

सभी 14,964 आवेदनों की होगी जांच

जस्टिस धगट की बेंच ने अपने फैसले में सख्त निर्देश जारी किए हैं-

लिस्ट होगी रद्द: राज्य सरकार वर्तमान चयन सूची को वापस कर्मचारी चयन मंडल को भेजेगी।

दस्तावेजों का मिलान: बोर्ड उन सभी 14,964 आवेदनों की जांच करेगा जिन्होंने 'हां' टिक किया था। यदि उन्होंने आवेदन के साथ वैध आरसीआई डिप्लोमा अपलोड नहीं किया है, तो उनका आवेदन नियम 3.2 के तहत सीधे निरस्त किया जाएगा।

नई सूची बनेगी: बोर्ड को तीन महीने के भीतर उन सभी 'फर्जी' दावेदारों को बाहर कर नई संशोधित मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया गया है जिन्होंने गलत बयानी की थी।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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