गुना में गले में तख्ती टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंची रेप पीड़िता, TI पर गंभीर आरोप

गुना। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक रेप पीड़िता अपने पति के साथ गले में तख्ती टांगकर कलेक्ट्रेट पहुंची। दंपत्ति ने जामनेर थाना प्रभारी और 6 नामजद लोगों पर केस में राजीनामा करने का दबाव बनाने और विरोध करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष ने कलेक्टर के सामने आवेदन देकर मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
गले में तख्ती टांगकर पहुंची पीड़िता
जनसुनवाई में पहुंची पीड़िता के गले में लगी तख्तियों पर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। पीड़िता का आरोप है कि जामनेर थाना प्रभारी कथित तौर पर रेप, भू-माफिया और हत्या के आरोपों का सामना कर रहे लोगों का पक्ष ले रहे हैं। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि 181 पर शिकायत करने के बाद थाना प्रभारी नाराज हो जाते हैं और उसके पति को जेल भेजने तथा गुंडा सूची में नाम डालने की धमकी दी जाती है।
6 लोगों पर दबाव बनाने का आरोप
प्रशासन को दिए आवेदन में पीड़ित पक्ष ने ग्राम वशीलगढ़ निवासी अभिषेक, अजब सिंह, हरिबहादुर, प्रकाश, राजेंद्र और भगवान सिंह के नाम बताए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये सभी लोग लगातार दंपत्ति पर केस में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि राजीनामा नहीं करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
लॉकअप में बंद करने और एनकाउंटर की धमकी का आरोप
दंपत्ति ने शिकायत में जामनेर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें और उनके पति को लॉकअप में बंद करने, रात में प्रताड़ित करने और राजीनामा नहीं करने पर फर्जी केस दर्ज करने की धमकियां दी गईं। पीड़ित पक्ष ने थाना प्रभारी पर आरोपियों के समर्थन में कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
'न्याय नहीं तो चौराहे पर गोली मार दो'
जनसुनवाई में दिए आवेदन में पीड़ित दंपत्ति ने अपनी स्थिति बताते हुए बेहद गंभीर बात लिखी है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिल सकता तो थाना प्रभारी से कहकर उन्हें चौराहे पर गोली मरवा दी जाए। दंपत्ति ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
पीड़ित पक्ष ने आवेदन में छह नामजद लोगों की जमानत खारिज कराने और उन्हें जेल भेजने की मांग की है। इसके साथ ही थाना प्रभारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। अब मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




















