CM Yadav Training:MP में पहली बार निगम-मंडलों के अध्यक्षों की खास ट्रेनिंग, सीएम मोहन यादव करेंगे मार्गदर्शन

भोपाल। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों में नियुक्त नेताओं को अब सरकार प्रशासनिक कामकाज की ट्रेनिंग दे रही है। राजधानी भोपाल स्थित अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम में 63 नए पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और एक सत्र में मार्गदर्शन भी देंगे। प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारी नए अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को विभागों के काम, वित्तीय नियम, अधिकार और जिम्मेदारियों की जानकारी देंगे। सरकार का उद्देश्य इन पदाधिकारियों को बेहतर तरीके से प्रशासनिक व्यवस्था समझाना है।
शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
मध्य प्रदेश सरकार ने निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों में हाल ही में नियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है। यह कार्यक्रम भोपाल के अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रखा गया है। इस कार्यक्रम में कुल 63 नवनियुक्त गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन पदों पर नियुक्त नेताओं को प्रशासनिक प्रक्रिया और जिम्मेदारियों की पूरी समझ होना जरूरी है, ताकि वे अपने काम को बेहतर तरीके से संभाल सकें।
मुख्यमंत्री मोहन यादव देंगे मार्गदर्शन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री एक विशेष सत्र में नए पदाधिकारियों को संबोधित भी करेंगे। सरकार की कोशिश है कि इन नेताओं को केवल राजनीतिक भूमिका तक सीमित न रखकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की भी सही जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और अटल बिहारी बाजपेयी संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी विषयों पर प्रस्तुति देंगे। इसमें शासन की प्रक्रिया, फाइल सिस्टम, वित्तीय नियम और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
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18 विभागों के अधिकारी देंगे जानकारी
सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 18 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। ये अधिकारी नए अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को बताएंगे कि निगम और मंडल कैसे काम करते हैं। साथ ही उन्हें यह भी समझाया जाएगा कि किसी पदाधिकारी की सीमाएं क्या होती हैं और किस तरह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर काम करना चाहिए।
वित्तीय प्रबंधन और अधिकारों पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी खास जानकारी दी जाएगी। नए पदाधिकारियों को बताया जाएगा कि सरकारी संस्थाओं में खर्च से जुड़े नियम क्या हैं और किस प्रक्रिया के तहत फैसले लिए जाते हैं। इसके अलावा यह भी समझाया जाएगा कि किसी निगम या मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अधिकार क्या होते हैं। कई बार जानकारी की कमी के कारण विभागीय स्तर पर विवाद की स्थिति बन जाती है। सरकार चाहती है कि भविष्य में ऐसी समस्याएं कम हों और सभी पदाधिकारी नियमों के अनुसार काम करें।
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रैलियों के बाद सरकार सतर्क
निगम और मंडलों के नए अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़ी रैलियां निकाली थीं। इन रैलियों को लेकर पार्टी संगठन और सरकार दोनों की काफी आलोचना हुई थी। बताया गया कि इस मामले में पार्टी को दिल्ली स्तर से भी नाराजगी का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू की। भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया गया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल रोक दिए गए हैं।











