महाराष्ट्र से चला NEET Paper Leak नेटवर्क?लातूर की केमिस्ट्री कोचिंग का डायरेक्टर गिरफ्तार, मोबाइल से मिला लीक पेपर

नई दिल्ली/मुंबई। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में अब तक की 10वीं गिरफ्तारी है। CBI का दावा है कि, मोटेगांवकर संगठित पेपर लीक गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उसने परीक्षा से पहले ही NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र और आंसर की हासिल कर ली थी। जांच एजेंसी के अनुसार, उसने यह लीक सामग्री कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाई।
मोबाइल फोन से मिला लीक पेपर
CBI अधिकारियों के मुताबिक, 14 मई को लातूर स्थित मोटेगांवकर के घर और RCC कोचिंग सेंटर पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान उसके मोबाइल फोन में NEET UG 2026 का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। रविवार शाम पुणे स्थित CBI कार्यालय में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि, आरोपी ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की और परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र से जुड़े कई डिजिटल रिकॉर्ड हटाए गए।
23 अप्रैल को ही मिल गया था पेपर
CBI के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर और उसके सहयोगियों ने 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर की हासिल कर ली थी। इसके बाद इसे छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी को शक है कि कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले कई उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले वही सवाल और जवाब उपलब्ध कराए गए, जो बाद में NEET परीक्षा में आए।
100 करोड़ टर्नओवर वाले कोचिंग सेंटर पर जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटेगांवकर का RCC यानी रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस नेटवर्क महाराष्ट्र के 7 जिलों में फैला हुआ है। इस कोचिंग संस्थान का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय से कई दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं। एजेंसी अब इनकी फॉरेंसिक जांच कर रही है।
छात्रों तक कैसे पहुंचाया गया पेपर?
CBI की जांच में सामने आया है कि, पेपर लीक का यह नेटवर्क कोचिंग सेंटर, दलालों और कुछ शिक्षकों के जरिए चलाया जा रहा था। एजेंसी के मुताबिक, लीक प्रश्नपत्र PDF बनाकर टेलीग्राम और अन्य माध्यमों से भी फैलाया गया।
अब तक गिरफ्तार 10 आरोपी
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आरोपी |
पेशा |
आरोप |
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शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर |
RCC संचालक |
लीक पेपर और आंसर की छात्रों तक पहुंचाई |
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मनीषा गुरुनाथ मंधारे |
बायोलॉजी लेक्चरर |
छात्रों को लीक सवाल और जवाब नोट करवाए |
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पीवी कुलकर्णी |
केमिस्ट्री प्रोफेसर |
परीक्षा से पहले सवाल और जवाब बताए |
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मनीषा वाघमारे |
ब्यूटीशियन |
छात्रों को रैकेट से जोड़ने का आरोप |
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धनंजय लोखंडे |
दलाल |
पेपर की डील कराने का आरोप |
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शुभम खैरनार |
दलाल |
Telegram पर PDF तैयार की |
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यश यादव |
दलाल |
पैसे देकर लीक PDF हासिल की |
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मांगीलाल बिंवाल |
दलाल |
₹45 लाख में डील करने का आरोप |
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दिनेश बिंवाल |
राजनीतिक कार्यकर्ता |
नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप |
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विकास बिंवाल |
MBBS छात्र |
पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ाव |
मनीषा मंधारे पर क्या हैं आरोप?
CBI की जांच में एक और बड़ा नाम बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे का सामने आया है। एजेंसी का दावा है कि वह NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा रह चुकी हैं। जांच के मुताबिक, उन्होंने पुणे में स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को संभावित सवाल लिखवाए। बॉटनी और जूलॉजी के वही सवाल बाद में परीक्षा में पूछे गए। छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपए वसूले गए। मनीषा वाघमारे के जरिए छात्रों को कोचिंग तक लाया गया। CBI का कहना है कि, मंधारे और कुलकर्णी से पूछताछ के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। NTA को 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। शुरुआती जांच के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
NEET UG 2026 टाइमलाइन
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तारीख |
क्या हुआ |
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3 मई |
NEET UG परीक्षा आयोजित |
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7 मई |
पेपर लीक की शिकायत मिली |
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12 मई |
परीक्षा रद्द की गई |
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14 मई |
नए एडमिट कार्ड जारी होने का फैसला |
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21 जून |
री-एग्जाम होगा |
NTA के 6 बड़े फैसले
- NEET UG परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी।
- छात्रों को फिर से आवेदन नहीं करना होगा।
- कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लगेगा।
- पहले जमा की गई फीस वापस होगी।
- नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
- छात्र नया परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे।
राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक हटाया क्यों नहीं गया। राहुल गांधी ने कहा कि, देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।
NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं।
- IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य भोजगढिया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया।
- अनुजा बापट और रुचिता विज को जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।
जांच में और बड़े खुलासों की संभावना
CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच का फोकस उन छात्रों, अभिभावकों और बिचौलियों तक पहुंचने पर है, जिन्होंने कथित तौर पर लीक पेपर हासिल किया था।











