
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही थी। दोपहर की चिलचिलाती धूप में स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं और कुछ जगहों पर स्कूल का समय भी बदल दिया गया है।
राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल 2026 तक छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश सरकारी, निजी, अनुदान प्राप्त, CBSE और ICSE सभी स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन का कहना है कि, लगातार बढ़ते तापमान का बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इस दौरान शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।

भोपाल के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी इसी तरह के फैसले लिए गए हैं। उज्जैन में नर्सरी से 8वीं तक के बच्चों की 27 से 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित की गई है। ग्वालियर में भी 8वीं तक के छात्रों को 30 अप्रैल तक अवकाश दिया गया है। इंदौर में भी 8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे, जबकि रतलाम और रीवा में 5वीं तक के बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं। इन फैसलों का मकसद बच्चों को तेज गर्मी और लू से बचाना है।
जिलेवार स्थिति
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जिला |
छुट्टी/निर्णय |
लागू अवधि |
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भोपाल |
नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी |
30 अप्रैल तक |
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इंदौर |
8वीं तक छुट्टी |
30 अप्रैल तक |
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उज्जैन |
नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी |
27-30 अप्रैल |
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ग्वालियर |
8वीं तक छुट्टी |
30 अप्रैल तक |
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रतलाम |
5वीं तक छुट्टी |
30 अप्रैल तक |
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रीवा |
5वीं तक छुट्टी |
30 अप्रैल तक |
जहां छोटे बच्चों को छुट्टी दी गई है, वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल का समय बदल दिया गया है। अब इन कक्षाओं का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे या 12:30 बजे तक किया जाएगा। इससे छात्र तेज धूप और लू के असर से बच सकेंगे और उनकी पढ़ाई भी जारी रहेगी।
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प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। कई इलाकों में लू चल रही है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बच्चों को स्कूल जाते समय तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया था। यही वजह है कि प्रशासन को तुरंत कदम उठाना पड़ा।
जिला प्रशासन का कहना है कि, यह निर्णय पूरी तरह बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लू का असर छोटे बच्चों पर जल्दी पड़ता है, जिससे डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को पहले ही सूचना दे दी गई है, ताकि सभी जरूरी इंतजाम किए जा सकें।
राजधानी भोपाल में तापमान लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में ज्यादा राहत मिलने की संभावना कम बताई है।
मध्य प्रदेश में इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। यानी करीब डेढ़ महीने तक स्कूल बंद रहेंगे। 16 जून से स्कूल दोबारा खुलेंगे। इस लिहाज से अभी घोषित छुट्टियां बच्चों के लिए एक तरह से समर वेकेशन की शुरुआत जैसी ही हैं।