दमोह से उठी गो संरक्षण की आवाज,केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में सोमवार को 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम स्मरण पत्र सौंपा गया। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने देशी गोवंश के संरक्षण, सेवा और सम्मान को लेकर केंद्र सरकार से प्रभावी कानून बनाने की मांग उठाई। साथ ही गो आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और गो संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को देशभर की तहसीलों से नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों को भेजे गए थे। सोमवार को उसी क्रम में शासन और प्रशासन का ध्यान दोबारा आकर्षित करने के उद्देश्य से स्मरण पत्र सौंपा गया।
गो संरक्षण के लिए रखीं कई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में गोवंश को संवैधानिक संरक्षण देने, केंद्र स्तर पर अलग गोसेवा मंत्रालय बनाने, गो तस्करी और अवैध वध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अलावा गोशालाओं को मजबूत बनाने, प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने और गो आधारित उत्पादों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता भी बताई गई। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को मजबूत करने का भी माध्यम है। उनका मानना है कि इस दिशा में प्रभावी नीतियां बनने से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
मांगें नहीं मानी गईं तो होंगे चरणबद्ध कार्यक्रम
स्मरण पत्र में कहा गया है कि यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है तो अभियान के तहत चरणबद्ध तरीके से संवाद, ज्ञापन, जनजागरण और शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिनिधियों ने सरकार से इस विषय पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
Edited By- Sona Rajput














