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भोपाल में 1 लाख सफाईकर्मियों की हड़ताल, गली-मोहल्लों तक लगे कचरे के ढेर! दो दिन से नहीं पहुंचीं गाड़ियां, मांगों पर अड़े

दिवाली से पहले मध्य प्रदेश के एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। भोपाल में दो दिन से कचरा नहीं उठने के कारण सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में गंदगी फैल गई है। विधायक उमाकांत शर्मा ने खुद झाड़ू लगाई। जानिए सफाईकर्मियों की चार बड़ी मांगें और हड़ताल से आम लोगों की बढ़ती परेशानी की पूरी खबर।
भोपाल में 1 लाख सफाईकर्मियों की हड़ताल, गली-मोहल्लों तक लगे कचरे के ढेर! दो दिन से नहीं पहुंचीं गाड़ियां, मांगों पर अड़े
दिवाली से पहले भोपाल शहर में कचरे का अंबार, दो दिन से नहीं पहुंचीं गाड़ियां

दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में मध्य प्रदेश के शहरों में लोग अपने घरों, दुकानों और आसपास के इलाकों को साफ-सुथरा बनाने में जुटे हैं। बाजारों में खरीदारी की रौनक है और घरों में त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इसी बीच प्रदेश के एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहरों की सफाई व्यवस्था को बिगाड़ दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिल रहा है। यहां पिछले दो दिनों से कचरा कलेक्शन नहीं होने के कारण सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। दिवाली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले शहर में फैली गंदगी ने आम लोगों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। जिन बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की भीड़ होनी चाहिए, वहां जगह-जगह कचरा दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में डस्टबिन पूरी तरह भर चुके हैं और कचरा बाहर निकलकर सड़कों पर फैल रहा है। इससे न सिर्फ शहर की खूबसूरती खराब हो रही है, बल्कि लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।

दो दिन से नहीं उठा कचरा, बाजारों में बढ़ी परेशानी

भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण घरों और दुकानों से कचरा उठाने वाली गाड़ियां कई इलाकों में नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में लोगों के घरों और दुकानों के बाहर कचरा जमा होने लगा है। दिवाली के मौके पर बाजारों में पहले से ही साफ-सफाई और खरीदारी का काम बढ़ जाता है। दुकानदार अपनी दुकानों को सजाने और ग्राहकों के स्वागत की तैयारी करते हैं। लेकिन कचरे के ढेर ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियां नहीं आई हैं। पेट्रोल पंप के सामने रखे डस्टबिन से भी कचरा बाहर निकलकर सड़क पर फैल गया है। यही हाल शहर के कई दूसरे इलाकों में भी देखने को मिल रहा है।

कचरा जलाकर खत्म कर रहे लोग, बढ़ सकती है परेशानी

कचरा उठाने की व्यवस्था बंद होने के कारण कुछ लोग और दुकानदार जमा हुए कचरे को खुद ही जलाकर खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। भोपाल के चूना भट्टी इलाके में कचरे के ढेर में आग लगा दी गई। वहीं, शहर के कई बाजारों में भी कचरा जलाने की खबर सामने आई है। त्योहार के समय इस तरह कचरा जमा होना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कचरे से आसपास गंदगी फैल रही है और उसे जलाने से धुआं भी निकल रहा है। इससे बाजारों में आने वाले ग्राहकों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत हो सकती है। दिवाली पर जब लोग परिवार के साथ खरीदारी करने और घूमने निकलते हैं, तब ऐसी स्थिति शहर के माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।

हड़ताल के कारण शहर में बने हालात

शहर में लगातार बढ़ती गंदगी के बीच विधायक उमाकांत शर्मा बुधवार रात खुद सड़क पर सफाई करने उतर आए। उन्होंने करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सड़क की सफाई की। विधायक को इस तरह सड़क पर सफाई करते देखकर लोगों का ध्यान भी इस ओर गया। सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण शहर में बने हालात अब आम लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों के लिए भी चिंता का विषय बन गए हैं। दिवाली से पहले शहर को साफ रखने की चुनौती और बढ़ गई है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में कचरे की समस्या और गंभीर हो सकती है।

क्यों हड़ताल कर रहे हैं मध्य प्रदेश के सफाईकर्मी?

मध्य प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने काम बंद करने का फैसला लिया है। सफाईकर्मी चाहते हैं कि उन्हें बेहतर वेतन और नौकरी से जुड़ी सुविधाएं मिलें।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:

  • सरकारी कर्मचारी का दर्जा: दैनिक वेतन पर काम करने वाले सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
  • नौकरी स्थायी करने की मांग: सभी सफाईकर्मियों को स्थायी किया जाए और ठेका व्यवस्था खत्म की जाए।
  • 25 हजार रुपये न्यूनतम वेतन: कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए।
  • अनुकंपा नियुक्ति: किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए।

दिवाली की तैयारियों के बीच लोगों को सता रही गंदगी की चिंता

दिवाली के त्योहार में साफ-सफाई का खास महत्व होता है। लोग कई दिन पहले से ही अपने घरों की सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट शुरू कर देते हैं। बाजारों में भी दुकानदार साफ-सफाई के बाद रोशनी और सजावट से अपनी दुकानों को तैयार करते हैं। ऐसे में शहर की सड़कों और बाजारों में कचरे का जमा होना लोगों की त्योहार से जुड़ी तैयारियों पर असर डाल रहा है।

भोपाल के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने अब यह सवाल है कि अगर कचरा उठाने वाली गाड़ियां इसी तरह नहीं पहुंचीं, तो त्योहार के दिनों में सफाई कैसे होगी? बाजारों में आने वाले ग्राहकों को भी गंदगी के बीच खरीदारी करनी पड़ सकती है। फिलहाल सफाईकर्मियों और शासन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में हड़ताल कब खत्म होगी और शहरों की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। दिवाली से पहले भोपाल समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में सफाई व्यवस्था बहाल करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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