गुना में शादी के 16 साल बाद घर में गूंजी किलकारी, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बाद महिला ने दिया स्वस्थ बेटे को जन्म

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक खुश कर देने वाली खबर सामने आई है। शादी के 16 साल बाद एक महिला के घर में बच्चे की किलकारी गूंजी है। लंबे समय से संतान सुख का इंतजार कर रही महिला ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डॉक्टर सतीश राजपूत और उनकी टीम की सूझबूझ से जटिल सिजेरियन ऑपरेशन सफल रहा। खास बात यह है कि प्रसव के दौरान महिला का ब्लड प्रेशर 200/120 तक पहुंच गया था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। ऐसे मुश्किल हालात में डॉक्टरों ने समय रहते उपचार और मॉनिटरिंग की। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस खुशखबरी से परिवार में खुशी का माहौल है।
शादी के 16 साल बाद मिला मां बनने का सुख
यह मामला गुना जिले के आरोन क्षेत्र का है। यहां रहने वाली भूरिया बाई, पत्नी सुरेंद्र कुशवाह की शादी को 16 साल हो चुके थे, लेकिन उनके घर में बच्चे की किलकारी नहीं गूंजी थी। संतान प्राप्ति की उम्मीद में परिवार ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई बड़े अस्पतालों में इलाज कराया। हालांकि, उन्हें हर जगह गर्भधारण को लेकर गंभीर जोखिम की जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने महिला की जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी। लंबे इंतजार और कई परेशानियों के बाद भूरिया बाई डॉ. सतीश राजपूत के संपर्क में आईं। डॉक्टर ने उनका लगातार इलाज और परामर्श किया। इसके बाद महिला गर्भवती हुईं और परिवार में खुशियों की उम्मीद जगी।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में बढ़ गई थीं मुश्किलें
डॉक्टर सतीश राजपूत के मुताबिक, महिला का मामला सामान्य गर्भावस्था जैसा नहीं था। यह हाई रिस्क प्रेग्नेंसी थी। महिला का वजन काफी अधिक होने के कारण प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ने की आशंका थी। रात जब महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब उनकी स्थिति गंभीर थी। उनका ब्लड प्रेशर बढ़कर 200/120 तक पहुंच गया था। इसके साथ ही उन्हें सांस लेने में परेशानी और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी हो रही थीं। ऐसी स्थिति में मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी।
डॉक्टरों ने तुरंत लिया ऑपरेशन का फैसला
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर सतीश राजपूत ने तत्काल उपचार शुरू किया। जरूरी जांच और लगातार मॉनिटरिंग के बाद उन्होंने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। इसके बाद जटिल सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इस तरह 16 साल से संतान का इंतजार कर रहे परिवार की खुशियां लौट आईं।
डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में पूरी मेडिकल टीम का योगदान रहा। डॉ. सतीश राजपूत के साथ डॉ. विकास राजपूत, सिस्टर लता, विधि, नीतू और सहयोगी स्टाफ सुरेखा व गिरिराज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों की टीम की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले से प्रसव सफल रहा। फिलहाल मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
परिवार में खुशी का माहौल, डॉक्टरों का जताया आभार
16 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने डॉक्टर सतीश राजपूत और उनकी पूरी टीम का आभार जताया।




















