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नर्स से मंत्री तक:MP की बेटी बनी नेपाल की हेल्थ मिनिस्टर, NSUI ने बताया ऐतिहासिक पल

मध्यप्रदेश की पूर्व नर्सिंग छात्रा निशा मेहता का नेपाल की केंद्रीय स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री बनना इतिहास में दर्ज होने वाला क्षण है। पहली बार दुनिया में किसी नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी शख्सियत को इतना बड़ा राजनीतिक दायित्व मिला है
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MP की बेटी बनी नेपाल की हेल्थ मिनिस्टर, NSUI ने बताया ऐतिहासिक पल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल की एक कहानी आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंज रही है। मध्यप्रदेश की पूर्व नर्सिंग छात्रा निशा मेहता ने इतिहास रच दिया है। नेपाल में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री बनाया गया है। यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि पूरे नर्सिंग प्रोफेशन के लिए सम्मान और पहचान का बड़ा पल है।

    शिक्षा से नेतृत्व तक

    निशा मेहता की यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। उन्होंने साल 2006 से 2010 के बीच AIIMS दिल्ली से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से एमएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की।

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    दिल्ली और मध्यप्रदेश की धरती पर सीखी गई शिक्षा ने उन्हें सिर्फ एक अच्छी नर्स ही नहीं, बल्कि एक मजबूत लीडर भी बनाया। आज वही मेहनत उन्हें नेपाल की सरकार में एक अहम जिम्मेदारी तक ले आई है।

    नर्सिंग प्रोफेशन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

    NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार दुनिया में ऐसा हुआ है जब नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी किसी शख्सियत को सीधे किसी देश का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है।

    यह कदम यह दिखाता है कि नर्सिंग सिर्फ सेवा का क्षेत्र नहीं है, बल्कि नीति-निर्माण और नेतृत्व में भी इसकी मजबूत भूमिका हो सकती है।

    छात्रों का प्रतिनिधिमंडल करेगा मुलाकात

    रवि परमार ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नेपाल जाएगा। यह टीम निशा मेहता से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं देगी और साथ ही उन्हें मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण भी देगी।

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    इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश के अलग-अलग नर्सिंग कॉलेजों के छात्र शामिल होंगे। उनका उद्देश्य सिर्फ सम्मान देना नहीं, बल्कि उनसे सीखना और आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन लेना भी है।

    प्रदेश में क्यों नहीं मिल रहा मौका?

    जहां एक ओर नेपाल जैसे देश नर्सिंग प्रोफेशन को इतना बड़ा सम्मान दे रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश में स्थिति अलग नजर आती है। रवि परमार ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां नर्सिंग से जुड़े योग्य अधिकारियों को शीर्ष पदों पर मौका नहीं दिया जा रहा।

    उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण पदों पर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों या डॉक्टरों को बैठाया जा रहा है, जिससे नर्सिंग प्रोफेशन के लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

     क्या होनी चाहिए आगे की राह?

    रवि परमार ने मांग की कि मध्यप्रदेश सरकार को नर्सिंग कैडर को मजबूत करना चाहिए। इसके लिए अलग कैडर सिस्टम, पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया और योग्य अधिकारियों को नेतृत्व के अवसर देना जरूरी है।

    मध्यप्रदेश की यह बेटी आज नेपाल की स्वास्थ्य नीति तय कर रही है और यह हर उस छात्र के लिए उम्मीद की रोशनी है, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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