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भोपाल की 740 लोकेशन पर बढ़े दाम:1 अप्रैल से लागू होंगी प्रॉपर्टी की नई दरें, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से मंजूरी

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही राजधानी भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा होने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार नई कलेक्टर गाइडलाइन को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद यह 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी।
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1 अप्रैल से लागू होंगी प्रॉपर्टी की नई दरें, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से मंजूरी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही राजधानी भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा होने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार नई कलेक्टर गाइडलाइन को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है जिसके बाद यह 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी। इस नई गाइडलाइन के तहत शहर की करीब 740 लोकेशन पर प्रॉपर्टी की दरों में बढ़ोतरी की गई है जिससे रियल एस्टेट बाजार में सीधा असर देखने को मिलेगा और खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    100 से 141 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

    पंजीयन विभाग द्वारा जारी फाइनल ड्राफ्ट के अनुसार कई क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की दरों में 100 प्रतिशत से लेकर 141 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। यह वृद्धि खासतौर पर शहर के आउटर और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में अधिक देखने को मिलेगी। इस फैसले के बाद इन क्षेत्रों में जमीन और मकान खरीदने की लागत में बड़ा उछाल आएगा।

    ये भी पढ़ें: भोपाल: घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 1400 में खरीदकर 2500 में बेच रहे थे आरोपी, 63 सिलेंडर जब्त

    740 लोकेशन पर असर, आउटर एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित

    नई गाइडलाइन के तहत जिन क्षेत्रों में दरें बढ़ाई गई हैं उनमें कोहेफिजा, भोजपुर रोड, जाटखेड़ी, मालीपुरा, सीआरपी लाइन कॉलोनी, लालघाटी चौराहा से एयरपोर्ट रोड और सूरज नगर जैसे इलाके शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र शहर की सीमा से जुड़े हुए हैं और तेजी से डेवलप हो रहे हैं। ऐसे में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।

    आपत्तियों के बाद भी नहीं बदले फैसले

    नई दरों को लेकर कई लोगों और जनप्रतिनिधियों ने आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। कुल 63 आपत्तियां सामने आई थीं जिनमें से 34 को पंजीयन विभाग ने खारिज कर दिया। इनमें सांसद आलोक शर्मा द्वारा दरों में ज्यादा बढ़ोतरी पर आपत्ति भी शामिल थी। हालांकि सुनवाई के बाद विभाग ने फाइनल प्रस्ताव को यथावत रखते हुए आगे बढ़ा दिया।

    23 मार्च को मिली थी जिला स्तर पर मंजूरी

    इस गाइडलाइन को 23 मार्च को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में हरी झंडी दी गई थी। इसके बाद प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा गया, जहां से भी इसे मंजूरी मिल गई। अब सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और 1 अप्रैल से इसे लागू किया जाएगा।

    कलेक्टर ने दी जानकारी

    कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि नई कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर जिला स्तर पर विस्तृत चर्चा की गई थी और सभी दावे-आपत्तियों को सुनने के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद अब 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।

    खरीदारों और निवेशकों पर पड़ेगा सीधा असर

    नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर ज्यादा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। इससे जहां आम खरीदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, वहीं निवेशकों को भी अपनी योजना दोबारा आंकनी पड़ सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी और लंबे समय में रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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