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मध्यप्रदेश की 4 ऐतिहासिक धरोहरों को UNESCO की अस्थायी सूची में जगह, CM मोहन यादव ने दी बधाई

मध्यप्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को UNESCO की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में जगह मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।
मध्यप्रदेश की 4 ऐतिहासिक धरोहरों को UNESCO की अस्थायी सूची में जगह, CM मोहन यादव ने दी बधाई
मध्यप्रदेश की 4 ऐतिहासिक धरोहरों को यूनेस्को की अस्थायी सूची में मिली जगह। CM मोहन यादव ने दी बधाई। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें!

मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की चार महत्वपूर्ण धरोहरों को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में जगह मिली है। इनमें उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह शामिल हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है।

चार धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक खासियत अब दुनिया के सामने और मजबूती से पहुंच सकेगी। उदयगिरि की गुफाएं प्राचीन भारतीय इतिहास और कला से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वहीं बाघ गुफाएं अपनी प्राचीन चित्रकारी के लिए जानी जाती हैं। गिन्नौरगढ़ किला मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक किलों में शामिल है, जबकि चंबल घाटी के मंदिर समूह अपनी प्राचीन स्थापत्य कला के लिए खास पहचान रखते हैं।

CM मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया श्रेय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पहचान मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए निश्चित तौर पर हर्ष और गर्व का विषय है। मध्यप्रदेश की पुरासंपदा देश की प्राचीन संस्कृति, कला और इतिहास की झलक दिखाती है।

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विरासत के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को मिलकर अपनी ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाना भी जरूरी है। यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होने से इन स्थलों की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी मिलेगा।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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