High Court News : क्लीन चिट के बाद भी विधायक संजय पाठक ने शस्त्र व्यापारी को किया बदनाम!

कटनी के एक आर्म्स डीलर की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। आरोप है कि सरकार से क्ली चिट मिलने के बावजूद स्थानीय विधायक संजय पाठक ने याचिकाकर्ता को बदनाम करने के लिए उसके खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की।
क्लीन चिट के बाद भी विधायक संजय पाठक ने शस्त्र व्यापारी को किया बदनाम!

जबलपुर। कटनी के आर्म्स डीलर की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। मामले में आरोप है कि सरकार से क्लीन चिट मिलने के बाद भी स्थानीय भाजपा विधायक संजय पाठक ने याचिकाकर्ता को बदनाम करने उसके खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर दाखिल मामले पर जवाब के लिए जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दो सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।

आर्म्स और कारतूस बेचने का था लाइसेंस

कटनी के शांति नगर में रहने वाले आर्म्स डीलर नाजिम खान की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि उसके पास वर्ष 2007 से सरकार द्वारा दिया गया वैध आर्म्स और कारतूस बेचने का लाइसेंस था। साल 2020 में लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद, उन्होंने अपना लाइसेंस सरेंडर (वापस) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने साल 2024 में अपनी दुकान का बचा हुआ स्टॉक और ग्राहकों के जमा हथियार पूरी सूची के साथ थाने में सुरक्षित जमा करवा दिए। इसके बाद कलेक्ट्रेट में बाकी सामान जमा करने की बारी आई।

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संयुक्त कमेटी को मिला सही हिसाब 

प्रशासन ने पूरी जांच के लिए एक 'संयुक्त कमेटी' बनाई। इस कमेटी ने 14 मई 2025 को व्यापारी के गोदाम और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। जांच में एक-एक कारतूस का हिसाब बिल्कुल सही मिला। कमेटी ने 15 जुलाई 2025 को अपनी ऑफिशियल रिपोर्ट में व्यापारी को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी। याचिका में आरोप है कि सरकारी रिपोर्ट में सब सही होने के बावजूद 28 और 29 अक्टूबर 2025 को भाजपा विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने मीडिया के सामने आकर यह बयान दे दिया कि व्यापारी के स्टॉक से 14 हजार कारतूस गायब हैं।  

सरकार को जवाब पेश करने के लिए कहा

इस बारे में पुलिस अधिकारियों से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें देने के बाद भी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दाखिल की गई। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुनीत श्रोती व राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता संतोष यादव हाजिर हुए। बेंच ने यादव को सरकार से निर्देश लेकर जवाब पेश करने के निर्देश दिए।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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