High Court News : MPPSC 2025 मुख्य परीक्षा का रास्ता साफ, सवा साल पुराना स्टे हटा

जबलपुर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। 25 मार्च 2025 से मुख्य परीक्षा कराने पर लगी रोक गुरुवार को मप्र हाईकोर्ट ने हटा दी है। खास बात यह है कि परीक्षा पर लगा यह स्टे खुद याचिकाकतार्ओं के वकीलों के अनुरोध पर हटाया गया है, ताकि केस के लंबित रहने के कारण प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में न लटका रहे।
इस बारे में दाखिल की गई अर्जी मंजूर करके एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने यह व्यवस्था दी। आरक्षित वर्ग के अधिकारों से जुड़े कानूनी मुद्दों पर अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को तय की गई है।
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परीक्षाओं को लेकर दायर थीं 11 याचिकाएं
गौरतलब है कि भोपाल निवासी ममता डेहरिया की ओर से दायर कुल 11 याचिकाओं में राज्य सेवा भर्ती नियम 2015, पीएससी के 31 दिसंबर 2024 के विज्ञापन और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 7 नवम्बर 2020 को जारी परिपत्रों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि आयोग ने कुल 158 पदों की भर्ती के लिए 5 मार्च 2025 को प्रारंभिक परीक्षा परिणाम तो घोषित किए, लेकिन इसमें वर्गवार कट-आफ अंक जारी नहीं किए और मुख्य परीक्षा की तारीख तय कर दी, जो असंवैधानिक है।
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परीक्षा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने 25 मार्च 2025 को मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी थी। मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता विनायक शाह और पुष्पेन्द्र यादव और पीएससी की ओर से अधिवक्ता पराग तिवारी की दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने मुख्य परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।












