High Court News : बीना विधायक निर्मला सप्रे का कोर्ट में कबूलनामा-मैं अभी भी कांग्रेस में हूं

जबलपुर। सागर जिले की बीना से विधायक निर्मला सप्रे की अयोग्यता से जुड़े मामले पर हाईकोर्ट ने उभय पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। गुरुवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने करीब आधे घंटे तक सभी पक्षों को सुनने के बाद यह निर्देश दिए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका
मप्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि बीना विधानसभा सीट से निर्मला सप्रे ने कांग्रेस की टिकट से चुनाव जीता था। बाद में वो भाजपा में शामिल हो गईं। याचिका में कहा गया है कि निर्मला सप्रे को अयोग्य ठहराने का एक आवेदन जून 2024 में विधानसभा अध्यक्ष को दिया गया। 90 दिन का वक्त बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विभोर खण्डेलवाल, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा और निर्मला सप्रे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने पक्ष रखा।
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कोर्ट रूम लाइव
याचिकाकर्ता (वकील के माध्यम से) : सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों की योग्यता को लेकर 90 दिनों की समय सीमा तय की है। पिछले दो वर्षों से स्पीकर मामले को लंबित रखे हैं। अगले दो साल भी फैसला आने की उम्मीद नहीं है। यह हमारे साथ अन्याय है।
महाधिवक्ता : सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार के पास 163 विधायक हैं। एक विधायक इधर-उधर हो भी जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। स्पीकर मामले पर संज्ञान ले चुके हैं। प्रकरण संवेदनशील है, इसलिए सुनवाई में वक्त लग रहा।
निर्मला सप्रे (वकील के माध्यम से) : मैंने भाजपा जॉइन नहीं की। मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में ही हूं। पार्टी ने व्हिप जारी की थी। मैंने उसका भी पालन किया। मुझे न निष्कासित किया गया और न ही पार्टी से हटाया गया है। ऐसे में यह याचिका खारिज होने योग्य है।
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