हिरासत में मौत पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त:एसपी को सौंपी जांच की जिम्मेदारी, मृतक की मां की याचिका पर फैसला

जबलपुर। हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को स्वीकार नहीं किया। हालांकि अदालत ने तय समयसीमा में निष्पक्ष जांच पूरी करने और जरूरत पड़ने पर याचिकाकर्ता को दोबारा कोर्ट आने की स्वतंत्रता दी है।
हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
जस्टिस हिमान्शु जोशी की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए जांच की निगरानी टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को सौंपने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। साथ ही याचिकाकर्ता को आवश्यक स्थिति में पुनः हाईकोर्ट आने की अनुमति भी दी गई।
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महिला शिक्षिका ने दायर की थी याचिका
बता दें कि हाईकोर्ट में यह मामला टीकमगढ़ की लिधौरा तहसील के ग्राम चंदेरा में रहने वाली महिला शिक्षिका रेखा शुक्ला की ओर से दायर किया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि 23 जनवरी 2018 को चंदेरा थाने का पुलिस स्टाफ उसके बेटे आकाश को बापू नगर डंप यार्ड ले गया था। इसके बाद हुई घटनाओं को लेकर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए थे।
पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता के अनुसार बाद में पुलिस ने यह कहानी बताई कि ट्रक का टायर फटने से आकाश की मौत हुई। मां का आरोप था कि यह पूरी थ्योरी झूठी और मनगढ़ंत है। उनका कहना था कि जब वाहन जब्त किया गया था, तब टायर में हवा नहीं थी, जिससे पुलिस की कहानी पर संदेह पैदा होता है।
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टीकमगढ़ एसपी को जांच की कमान
याचिकाकर्ता ने बेटे के शरीर पर चोटों के गहरे निशानों का हवाला देते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपिन यादव ने पक्ष रखा। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका का निराकरण करते हुए टीकमगढ़ एसपी को जांच की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश जारी किया।












