भोपाल में आदिवासी छात्रों को ‘कूटने’ की धमकी देने वाले टीआई सस्पेंड, ‘जोहार’ के अपमान पर उमंग सिंघार ने उठाए सवाल

भोपाल। आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़ा ‘जोहार’ शब्द भोपाल में पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच विवाद का केंद्र बन गया है। आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के छात्र विंग के प्रदर्शन के दौरान मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में टीआई प्रदर्शनकारी छात्रों से अभद्र भाषा में बात करते और गालियां देते दिखाई दे रहे हैं। इसमें ‘यही कूट दूंगा’ जैसी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल भी नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी संगठनों और राजनीतिक हलकों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
उमंग सिंघार बोले- ‘जोहार’ आदिवासी अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि ‘जोहार’ कहने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किया जाना गंभीर और निंदनीय है। सिंघार ने कहा, ‘जोहार’ कोई गाली नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि किसी समुदाय की संस्कृति और अस्मिता का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सिंघार ने मुख्यमंत्री से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, टीआई पर विभागीय जांच शुरू

राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मिसरोद क्षेत्र में हुई घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया है और इस संबंध में चर्चा की है। पटेल ने कहा कि थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के दौरान यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से सामने आए इस रुख के बाद मामले में जांच और संभावित कार्रवाई को लेकर नजरें पुलिस विभाग पर टिकी हैं।
‘जय जोहार’ सम्माननीय उद्घोष
मंत्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज की बड़ी आबादी रहती है और ‘जय जोहार’ एक सम्माननीय उद्घोष है। ऐसे में इस अभिवादन से जुड़े विवाद को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों के बीच फिलहाल टीआई का निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई सामने आई है।




















