Supreme Court Hearing: SIR पर राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई, CJI बोले-' हमें कोई धमका नहीं सकता'

सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और असदुद्दीन ओवैसी समेत विपक्ष के 13 नेताओं की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान अदालत में वकीलों के हंगामे और कोर्ट को धमकाने की कोशिश के आरोपों का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, आप आश्वस्त रहिए, हमें कोई नहीं धमका सकता। SIR को लेकर दायर याचिकाओं में मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया, फॉर्म-6 और चुनाव आयोग के फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने इन मामलों को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़कर आगे सुनवाई करने की बात कही।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
- 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर नोटिस: राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और असदुद्दीन ओवैसी समेत विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई हुई।
- चुनाव आयोग से जवाब मांगा: कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया।
- दिग्विजय सिंह और ओवैसी की याचिकाएं भी शामिल: SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली अलग-अलग याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किए गए।
- CJI का सख्त संदेश: अदालत में धमकी देने की कोशिश के आरोपों पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट को कोई धमका नहीं सकता।
- प्रदर्शन स्थल से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई: जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के दिल्ली पुलिस के आदेश के खिलाफ याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया।
‘हमें कोई नहीं धमका सकता’, CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने अदालत में हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में जो हुआ, उससे वकील आहत हैं और करीब 200 वकीलों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत को धमकाने की कोशिश की गई। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “आप आश्वस्त रहिए, हमें कोई नहीं धमका सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग बाहर कुछ और बोलते हैं, लेकिन कोर्ट में आकर उनकी भाषा बदल जाती है। CJI की इस टिप्पणी के बाद सुनवाई में अदालत की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया के सम्मान का मुद्दा भी चर्चा में आ गया। हालांकि, सुनवाई के दौरान उठाए गए आरोपों और उन पर अदालत की टिप्पणियों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष से अलग समझना जरूरी है।
राहुल गांधी समेत 13 नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने प्रक्रिया की वैधता और उससे जुड़े नियमों पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने चुनाव आयोग, CEC और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया है। इसका मतलब है कि संबंधित पक्षों से मामले पर जवाब मांगा गया है। नोटिस जारी होना याचिका में लगाए गए आरोपों को सही ठहराना नहीं है। मामले पर आगे की सुनवाई में कोर्ट संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करेगा। सुनवाई के दौरान SIR को चुनौती देने वाली दिग्विजय सिंह और असदुद्दीन ओवैसी की अलग-अलग याचिकाओं का भी जिक्र हुआ। अदालत ने इन मामलों को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़कर सुनने का संकेत दिया।
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SIR क्या है और इस पर विवाद क्यों हो रहा है?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision यानी विशेष गहन पुनरीक्षण है। यह मतदाता सूची की जांच और उसे अपडेट करने की प्रक्रिया से जुड़ा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में जरूरी सुधार करना होता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया, दस्तावेजों की जरूरत और मतदाताओं पर पड़ने वाले असर को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस हो सकती है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव और SIR से संबंधित फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। इस विवाद में मुख्य सवाल यह है कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया कानून के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से लागू हो रही है या नहीं। इसका जवाब संबंधित पक्षों की दलीलों और अदालत के आगे आने वाले आदेशों से स्पष्ट होगा।
फॉर्म-6 और मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा क्या है?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। SIR से जुड़ी याचिकाओं में फॉर्म-6 में बदलाव और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होना अहम होगा कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां किन विशिष्ट बदलावों और नियमों से संबंधित हैं और चुनाव आयोग उनका क्या जवाब देता है। फिलहाल नोटिस जारी होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
SIR विवाद के साथ दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के दिल्ली पुलिस के आदेश का मामला भी अदालत में उठा। इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया। इससे प्रदर्शन के अधिकार, प्रशासनिक फैसलों और निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। इस मामले में नोटिस जारी होने के बाद संबंधित पक्षों का जवाब और आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
राहुल गांधी के कोर्ट आने के दौरान हंगामे पर भी नोटिस
सुनवाई में राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट आने के दौरान कथित नारेबाजी और हंगामे को लेकर दाखिल एक अलग याचिका का भी जिक्र हुआ। यह याचिका कुछ वकीलों की ओर से दायर की गई थी। अदालत ने इस मामले में भी नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि SIR से जुड़े मामलों में नोटिस जारी कर उन्हें पहले से लंबित मामलों के साथ टैग किया जाएगा। सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने भी कहा कि अदालत बाहर कही जा रही बातों के आधार पर सुनवाई नहीं करती।



















