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IPS Arundev Gautam :IPS अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के स्थायी DGP, सरकार ने जारी किया आदेश

छत्तीसगढ़ सरकार ने आईपीएस अरुणदेव गौतम को राज्य का स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। गृह विभाग ने 16 मई को आदेश जारी किया। वे पिछले 17 महीनों से प्रभारी डीजीपी के रूप में कार्यरत थे। उनके पास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने का लंबा अनुभव और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी हैं।
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IPS अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के स्थायी DGP, सरकार ने जारी किया आदेश
आईपीएस अरुणदेव गौतम

छत्तीसगढ़ सरकार ने आईपीएस अरुणदेव गौतम को राज्य का स्थायी (फुल-टाइम) पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है। गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने 16 मई को इसका आधिकारिक आदेश जारी किया। इससे पहले वे करीब 17 महीने तक प्रभारी डीजीपी के रूप में काम कर रहे थे।

अरुणदेव को मिल चुके हैं कई सम्मान

आईपीएस अरुणदेव गौतम को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं।

  • 2010 में भारतीय पुलिस पदक
  • 2018 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक
  • संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत कोसोवा में सेवा देने के लिए यूएन पुलिस मेडल

इन सम्मानों के साथ उन्होंने पुलिस सेवा में अपनी विशेष पहचान बनाई है।

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गांव के सरकारी स्कूल से की पढ़ाई

अरुणदेव गौतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास गांव अभयपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और राजनीति शास्त्र में एमए किया। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की।

1992 बैच के IPS अधिकारी हैं अरुणदेव

अरुणदेव गौतम 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 12 अक्टूबर 1992 को पुलिस सेवा जॉइन की थी। शुरुआत में उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला था। ट्रेनिंग के दौरान उनकी पोस्टिंग जबलपुर में हुई और बाद में बिलासपुर में सीएसपी के रूप में काम किया।

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कई जिलों में संभाली अहम जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ बनने के बाद उन्होंने कैडर बदलकर राज्य में सेवा जारी रखी। वे कई जिलों में एसपी रहे, जिनमें शामिल हैं- कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर। इसके अलावा वे भोपाल में एडिशनल एसपी और एसपी भी रहे। उन्हें संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण जिलों में तैनात किया जाता रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निभाई अहम भूमिका

वर्ष 2009 में राजनांदगांव में हुए बड़े नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद अरुणदेव गौतम को वहां एसपी बनाकर भेजा गया। आईजी बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स, बिलासपुर रेंज और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में काम किया। झीरम घाटी हमले के बाद उन्हें बस्तर का आईजी बनाया गया, जहां उन्होंने सुरक्षा और चुनाव व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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प्रशासनिक अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारियां

पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने राज्य में कई अहम पदों पर काम किया है। वे गृह सचिव, जेल और परिवहन विभाग, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण विभागों का भी दायित्व संभाल चुके हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव और लंबे समय का पुलिस करियर उन्हें छत्तीसगढ़ का स्थायी डीजीपी बनाए जाने का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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