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MP में भारी बारिश का अलर्ट, सरकार ने कसी कमर! 3 स्तर के कंट्रोल रूम संभालेंगे मोर्चा, पंपिंग सेट, मशीनरी और राहत व्यवस्था तैयार

मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने और भारी बारिश की संभावना के बीच सरकार ने बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में राज्य, संभाग और जिला स्तर पर 3 स्तरीय कंट्रोल रूम तैयार किए गए हैं। 
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MP में भारी बारिश का अलर्ट, सरकार ने कसी कमर! 3 स्तर के कंट्रोल रूम संभालेंगे मोर्चा, पंपिंग सेट, मशीनरी और राहत व्यवस्था तैयार
MP सरकार ने की बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने और कई इलाकों में भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। अतिवृष्टि, बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था तैयार की है।

इसके तहत राज्य, संभाग और जिला स्तर पर तीन अलग-अलग स्तर के कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए बारिश से पैदा होने वाली स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रशासन का मकसद है कि किसी भी इलाके में अचानक बाढ़, जलभराव या दूसरी आपदा की स्थिति बनने पर राहत और बचाव का काम बिना देरी शुरू किया जा सके। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम

बारिश के दौरान स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रहेंगे। खासतौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां जलभराव की समस्या ज्यादा रहती है या बाढ़ का खतरा बना रहता है। जिला स्तर के कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारियों को दी गई है। ये अधिकारी अपने जिले में बारिश और जलभराव से जुड़ी स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर तुरंत कार्रवाई कराई जाएगी।

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मौसम विभाग से लगातार रहेगा संपर्क

कंट्रोल रूम मौसम विभाग के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे। मौसम विभाग से मिलने वाले भारी बारिश, तेज बारिश, आकाशीय बिजली और बाढ़ से जुड़े अलर्ट को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। अलर्ट मिलने के बाद संवेदनशील इलाकों में पहले से तैयारी की जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। प्रशासन का फोकस खास तौर पर निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और ऐसे स्थानों पर रहेगा, जहां बारिश के दौरान खतरा बढ़ सकता है।

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जलभराव वाले इलाकों में तुरंत निकाला जाएगा पानी

भारी बारिश के बाद शहरों में सबसे बड़ी समस्या जलभराव की होती है। इसे देखते हुए नगर निकायों को जरूरी मशीनरी और पंपिंग सेट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां ज्यादा पानी जमा होगा, वहां पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी भी तैयार रखी जाएगी।

जर्जर मकानों और इमारतों पर भी नजर

लगातार बारिश के कारण पुराने और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों को भी प्रशासन की निगरानी में रखा जाएगा। अगर किसी इलाके में मकान या भवन के गिरने का खतरा नजर आता है तो वहां रहने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है।

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जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा

बाढ़ या जलभराव के कारण अगर किसी इलाके से लोगों को हटाने की जरूरत पड़ती है तो प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएगा। लोगों के लिए भोजन, साफ पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

राहत और बचाव टीमों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इसी वजह से कंट्रोल रूम के जरिए संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। किसी इलाके से सूचना मिलने पर उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

सरकार की साफ हिदायत- 'लापरवाही बिल्कुल नहीं'

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बारिश और बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन को पहले से तैयार रहने को कहा गया है। खासकर भारी बारिश के अलर्ट के दौरान संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और जरूरी संसाधनों को मौके पर उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है।

राज्य से जिला स्तर तक एक साथ काम करेगा सिस्टम

नई व्यवस्था में राज्य स्तर से लेकर संभाग और जिला स्तर तक कंट्रोल रूम आपस में जुड़े रहेंगे। इससे किसी भी बड़े खतरे की सूचना तेजी से ऊपर और नीचे दोनों स्तरों तक पहुंचाई जा सकेगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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