इंजीनियरिंग में बेटियों की बढ़ती भागीदारी, कंप्यूटर साइंस बनी पहली पसंद

मध्यप्रदेश में सत्र 2026-27 के दौरान बीटेक की 52 ब्रांचों में 12,877 छात्राओं ने प्रवेश लिया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे पसंदीदा ब्रांच रही, जिसमें 4,983 छात्राओं ने दाखिला लिया।
इंजीनियरिंग में बेटियों की बढ़ती भागीदारी, कंप्यूटर साइंस बनी पहली पसंद
इंजीनियरिंग में बेटियों की बढ़ती भागीदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में बेटियां इंजीनियरिंग की दुनिया में अपनी भागीदारी तेजी से बढ़ा रही हैं। तकनीकी शिक्षा को लेकर छात्राओं की बदलती रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बीटेक की 52 ब्रांचों में 12,877 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले सत्र के मुकाबले इस बार छात्राओं के दाखिलों में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) छात्राओं की सबसे पसंदीदा ब्रांच बनकर उभरी है। इसमें 4,983 छात्राओं ने दाखिला लिया। आंकड़े बताते हैं कि छात्राएं अब पारंपरिक विकल्पों से आगे बढ़कर तकनीकी क्षेत्रों में भी करियर बनाने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग बनी पहली पसंद

बीटेक में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के बीच कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग का आकर्षण सबसे अधिक रहा। इस ब्रांच में 4,983 छात्राओं ने प्रवेश लिया। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं इस ब्रांच को लोकप्रिय बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

अन्य ब्रांचों में छात्राओं के प्रवेश के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग: 4,983 छात्राएं
  • सिविल इंजीनियरिंग: 476 छात्राएं
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 264 छात्राएं
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 196 छात्राएं
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल्स: 177 छात्राएं

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंप्यूटर आधारित तकनीकी क्षेत्रों में छात्राओं की रुचि अधिक है। वहीं, सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जैसी पारंपरिक इंजीनियरिंग ब्रांचों में छात्राओं के प्रवेश की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।

कुछ ब्रांचों में एक भी छात्रा का प्रवेश नहीं

प्रदेश की सभी इंजीनियरिंग ब्रांचों में छात्राओं की भागीदारी एक जैसी नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेयरी टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग रीजनल, सिविल इंजीनियरिंग विद कंप्यूटर और कंप्यूटर इंजीनियरिंग ब्रांचों में छात्राओं के प्रवेश दर्ज नहीं हुए हैं। यह स्थिति तकनीकी शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में छात्राओं की रुचि बढ़ाने की जरूरत को भी सामने लाती है। करियर मार्गदर्शन, ब्रांचों की जानकारी और रोजगार की संभावनाओं से परिचित कराने जैसे प्रयास छात्राओं को इंजीनियरिंग के व्यापक विकल्प चुनने में मदद कर सकते हैं।

करियर के अधिक अवसरों के कारण चुन रहीं कंप्यूटर साइंस

बीटेक की छात्रा प्रियंका पांडेय के अनुसार कंप्यूटर साइंस चुनने की प्रमुख वजह इस क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं। छात्राओं को केवल प्रचलित विकल्पों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार इंजीनियरिंग ब्रांच का चयन करना चाहिए।

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तकनीक में रुचि ने इंजीनियरिंग की ओर बढ़ाया कदम

बीटेक की छात्रा रजनी ठाकुर ने बताया कि उन्हें शुरुआत से ही कंप्यूटर और नई तकनीकों के बारे में जानने में रुचि रही है। इसी वजह से उन्होंने इंजीनियरिंग में प्रवेश लेकर कंप्यूटर साइंस ब्रांच चुनी। उन्होंने कहा कि अभी पढ़ाई की शुरुआत है, इसलिए उनका ध्यान विषयों को अच्छी तरह समझने और नई चीजें सीखने पर है। आगे चलकर वह अपनी रुचि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हैं।

करियर मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक माहौल जरूरी

तकनीकी विशेषज्ञ मनीष कुमार द्विवेदी के अनुसार, तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती रुचि सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने कहा कि करियर मार्गदर्शन, उद्योगों से संपर्क और बेहतर शैक्षणिक माहौल के जरिए छात्राओं को नई और अलग-अलग तकनीकी ब्रांचों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक छात्राओं को इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं, उनके पाठ्यक्रम और रोजगार की संभावनाओं के बारे में सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है। इससे वे केवल लोकप्रिय ब्रांचों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विकल्प चुन सकेंगी।

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तकनीकी शिक्षा में बढ़ रही छात्राओं की भागीदारी

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) के डायरेक्टर प्रो. एसएस भदौरिया ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ी है। उनके अनुसार, पहले स्थिति इसके उलट थी। छात्राओं की रुचि विभिन्न इंजीनियरिंग ब्रांचों में बढ़ाने के लिए करियर मार्गदर्शन और जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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