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भोपाल में 5.50 लाख की ठगी से परेशान नरेंद्र की मौत, 13 मिनट के वीडियो में खोला राज!

भोपाल में 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर 5.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। नरेंद्र सिंह राजपूत की मौत से पहले बनाए गए 13 मिनट के वीडियो में पुलक सक्सेना का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
भोपाल में 5.50 लाख की ठगी से परेशान नरेंद्र की मौत, 13 मिनट के वीडियो में खोला राज!
भोपाल में लोन के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, मौत से पहले वीडियो में बताई पूरी कहानी

भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोन के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 40 साल के नरेंद्र सिंह राजपूत की मौत के बाद एक 13 मिनट का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में नरेंद्र ने एक व्यक्ति पर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर 5.50 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। नरेंद्र का आरोप था कि उन्हें 12.50 लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन न तो लोन मिला और न ही उनके पैसे वापस आए। इस मामले में पुलिस ने पुलक सक्सेना नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

12.50 लाख के लोन का दिया भरोसा, ले लिए 5.50 लाख रुपये

परिवार के मुताबिक, नरेंद्र सिंह राजपूत को पुलक सक्सेना नाम के व्यक्ति ने मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया था। बताया गया कि वह खुद को सरकारी अधिकारी बताता था। उसने नरेंद्र से कहा था कि उन्हें 12.50 लाख रुपये का लोन मिल सकता है। इसके लिए कुछ पैसे खर्च करने होंगे। नरेंद्र को लगा कि लोन मिलने से उनकी आर्थिक परेशानियां कम हो जाएंगी। इसी उम्मीद में उन्होंने अलग-अलग जगहों से करीब 5.50 लाख रुपये जुटाए और पुलक सक्सेना को दे दिए। हालांकि, परिवार का आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी पुलक ने न तो लोन दिलाया और न ही रकम वापस की। नरेंद्र ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो कथित तौर पर आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया।

कर्ज का बढ़ता दबाव बना बड़ी परेशानी

नरेंद्र रैपिडो चलाकर अपने परिवार का खर्च चलाते थे। परिवार के मुताबिक, लोन के नाम पर दी गई रकम वापस नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। एक तरफ नरेंद्र ने जिन लोगों से पैसे उधार लिए थे, वे अपनी रकम वापस मांग रहे थे। दूसरी तरफ लोन भी नहीं मिला और आरोपी से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया। धीरे-धीरे उन पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ता गया। परिवार का कहना है कि इन हालातों के कारण नरेंद्र काफी परेशान रहने लगे थे। उनके सामने आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा था।

मौत से पहले बनाया 13 मिनट का वीडियो

इस मामले में नरेंद्र का मौत से पहले बनाया गया करीब 13 मिनट का वीडियो अहम सबूत माना जा रहा है। वीडियो में उन्होंने पुलक सक्सेना का नाम लेते हुए उस पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। नरेंद्र ने वीडियो में कहा कि वह पूरी समझदारी में यह वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने पुलक पर लोन दिलाने के नाम पर पैसे लेने और धोखा देने का आरोप लगाया। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।  फिलहाल पुलिस इस वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नरेंद्र से ली गई रकम कहां गई।

अशोका गार्डन थाने पहुंचने के बाद बिगड़ी तबीयत

परिवार के मुताबिक, नरेंद्र ने पुलक सक्सेना के खिलाफ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें अशोका गार्डन थाने जाने के लिए कहा गया था। इसी सिलसिले में नरेंद्र थाने पहुंचे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि, थाने में नरेंद्र की तबीयत कैसे बिगड़ी, इसको लेकर परिवार और पुलिस के बयान अलग-अलग हैं। नरेंद्र की पत्नी का कहना है कि थाने में पहुंचने के बाद उनके पति की हालत बिगड़ी थी। वहीं, अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, नरेंद्र की तबीयत थाने के बाहर ही खराब हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलक सक्सेना गिरफ्तार, धोखाधड़ी के आरोपों की जांच जारी

थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, नरेंद्र ने पुलक सक्सेना पर मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पुलक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या पुलक ने वास्तव में खुद को सरकारी अधिकारी बताया था और क्या उसने नरेंद्र को 12.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया था।

पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब तलाश रही है

इस मामले में कई अहम सवाल अभी भी बने हुए हैं। नरेंद्र से लिए गए 5.50 लाख रुपये आखिर कहां गए? क्या मुद्रा लोन के लिए कोई आवेदन या जरूरी दस्तावेज तैयार किए गए थे? नरेंद्र ने पुलिस अधिकारियों से कब शिकायत की थी और उस पर क्या कार्रवाई हुई? इसके अलावा, थाने पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की परिस्थितियों की भी जांच जरूरी है। फिलहाल पुलक सक्सेना की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरी तरफ, नरेंद्र की मौत के बाद उनका परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा है। परिवार को न्याय मिलने के साथ ही कथित धोखाधड़ी में गई रकम को लेकर भी जवाब का इंतजार है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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