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MP Assembly Winter Session:नेता विपक्ष ने मोहन सरकार को लिखा पत्र, विधानसभा शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग

विपक्ष नेता उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने का पत्र लिखा है। कहा हाल के वर्षों में सत्रों की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे न केवल विपक्ष की भूमिका सीमित हो रही है बल्कि जनता के सवाल भी अधूरे रह जाते हैं।
नेता विपक्ष ने मोहन सरकार को लिखा पत्र, विधानसभा शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश में विपक्ष नेता उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने का पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि सत्र का समय इतना सीमित न रखा जाए कि जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा ही न हो सके। यह पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष को भेजा गया है। बता दें, पहले मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित होने वाला था। 

    कम समय में बैठक संभव नहीं

    आगे पत्र में लिखा गया है कि इस समय अवधि में केवल चार ही बैठकें होनी हैं। इतनी कम अवधि प्रदेश के ज्वलंत, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श के लिए पर्याप्त नहीं है।

    सरकार हर बात का जवाब दे सकें

    उन्होंने पत्र में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है। यह सिर्फ कानून बनाने का स्थान नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का भी माध्यम है। यदि सत्र की अवधि सीमित रहेगी, तो न केवल लोकतांत्रिक परंपराएं प्रभावित होंगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी कम हो जाएगी। आगे नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश वर्तमान में कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। किसानों की समस्याएं, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था की स्थिति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे कई सवाल खड़े कर रहे हैं। इन विषयों पर गहराई से चर्चा करने के लिए पर्याप्त समय होना जरूरी है, ताकि सरकार अपने जवाब दे सके और विपक्ष जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाए।

    कम समय से विपक्ष की भूमिका सीमित

    सिंघार ने कहा कि हाल के वर्षों में सत्रों की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे न केवल विपक्ष की भूमिका सीमित हो रही है बल्कि जनता के सवाल भी अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस बार सत्र की अवधि बढ़ाकर अधिक दिनों तक चलाया जाए, ताकि प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली और विस्तृत बहस संभव हो सके।

    सत्ता पक्ष के लिए भी रहेगा फायदेमंद

    सिंघार ने यह भी कहा कि सत्र का विस्तार केवल विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के लिए भी फायदेमंद रहेगा। इससे सरकार को अपनी नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने और जनता के सामने अपनी उपलब्धियां प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पत्र के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे इस विषय पर गंभीरता से विचार करें और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लें।

    Priyanshi Soni
    By Priyanshi Soni

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