भोपाल में बड़ा फर्जीवाड़ा:20 टैक्सियां किराए पर लेकर किसानों को बेचीं, 1 करोड़ की लग्जरी कारें बरामद, आरोपी गिरफ्तार

भोपाल में एक बड़े वाहन फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें किराए पर ली गई कारों को आगे बेचने या गिरवी रखने का मामला सामने आया है। अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से करीब 10 लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। इन कारों की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि कितनी और गाड़ियां इस नेटवर्क के जरिए गायब की गई हैं।
कैसे शुरू हुआ मामला?
यह मामला तब सामने आया जब पुरानी विधानसभा के सामने वाहन कारोबार करने वाले गौरव कुशवाहा ने अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को शैलेंद्र जोशी नाम का व्यक्ति उनके पास आया और एक कार किराए पर ली।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। आरोपी समय पर किराया भी देता रहा, जिससे मालिक को कोई शक नहीं हुआ। लेकिन कुछ समय बाद उसने अचानक संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद न तो वह कार वापस लेकर आया और न ही किराए की राशि दी। काफी समय तक इंतजार करने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
शिकायत मिलने के बाद अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शैलेंद्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस को पता चला कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि वह एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो किराए पर ली गई गाड़ियों को बेचने या गिरवी रखने का काम करता है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कई जगह छापेमारी की और करीब 10 लग्जरी कारें बरामद कर लीं।
लगभग 1 करोड़ की लग्जरी कारें बरामद
पुलिस के अनुसार, बरामद की गई कारों की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये से ज्यादा है। ये सभी कारें अलग-अलग कंपनियों और मॉडल की हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह लग्जरी वाहनों को निशाना बनाता था, ताकि उन्हें आसानी से बेचकर ज्यादा पैसा कमाया जा सके।
करीब 36 गाड़ियों तक पहुंच सकता है मामला
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ 10 कारों तक सीमित नहीं है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह ने करी30 से 36 वाहन किराए पर लिए हो सकते हैं। इनमें से कई गाड़ियां भोपाल और आसपास के जिलों से ली गई थीं। पुलिस अब उन सभी वाहनों की तलाश कर रही है जो अभी तक बरामद नहीं हुए हैं।
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भोपाल और आसपास के जिलों में फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं था। बल्कि आसपास के जिलों से भी वाहन किराए पर लेकर उन्हें या तो गिरवी रखा गया या बेच दिया गया। इससे साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
थाने में जुटी भीड़, वाहन मालिक परेशान
जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने कुछ गाड़ियां बरामद कीं, तो कई वाहन मालिक अरेरा हिल्स थाने पहुंचे। कई लोगों को यह भी पता चला कि उनकी गाड़ियां चोरी या गायब हो चुकी हैं। थाने में लोगों की भीड़ लग गई, क्योंकि कई लोग अपने वाहनों की स्थिति जानने के लिए पहुंचे थे।
पीड़ितों की आपबीती
कुछ वाहन मालिकों ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ियां किराए पर दी थीं, लेकिन बाद में उन्हें धोखे का पता चला। एक मालिक ने बताया कि उसने लगभग डेढ़ महीने पहले अपनी कार किराए पर दी थी, लेकिन बाद में पता चला कि गाड़ी वापस नहीं आई। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसकी कार अब तक गायब थी और बाद में उसे थाने से जानकारी मिली। एक और पीड़ित ने बताया कि उनकी हुंडई ओरा कार के बारे में तीन महीने बाद पता चला कि वह बरामद कर ली गई है, इसलिए वे थाने पहुंचे। कई लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें लंबे समय तक यह नहीं पता था कि उनकी गाड़ियां वास्तव में चोरी हो चुकी हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा के अनुसार, आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा, जिन गाड़ियों की अभी तक बरामदगी नहीं हुई है, उनकी भी तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।











