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मां ने रचा जमानत का खेल:कोर्ट में खुला फर्जीवाड़े का पूरा राज

इंदौर में नकबजनी आरोपी बेटे को फर्जी जमानतदार के जरिए जेल से छुड़वाने के मामले में अदालत के आदेश पर उसकी मां के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट रिकॉर्ड में मिले दस्तावेजी सबूतों के आधार पर कार्रवाई हुई है
कोर्ट में खुला फर्जीवाड़े का पूरा राज
फाइल फोटो

इंदौर में बेटे को जेल से छुड़ाने के लिए फर्जी जमानतदार खड़ा करना एक मां को भारी पड़ गया। अदालत के आदेश पर अब खुद मां के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो गया है। जिस बेटे को जेल से बाहर लाने के लिए साजिश रची गई थी, वह पहले से जेल में बंद है और अब मां को अपनी जमानत कराने की नौबत आ गई है।मामला नकबजनी और चोरी के आरोपी संदीप उर्फ काला से जुड़ा है, जो पिछले साल छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में दर्ज केस में करीब ढाई महीने जेल में बंद था।

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फर्जी किसान बनाकर कोर्ट में खड़ा किया जमानतदार

पुलिस के अनुसार आरोपी की मां कमलाबाई अंबौरे निवासी गांधीनगर ने बेटे को जेल से छुड़ाने के लिए फर्जी जमानतदार पेश करने की साजिश रची। आरोप है कि 30 जून 2025 को चंदन शर्मा नामक व्यक्ति को सांवेर तहसील के किसान चंदनसिंह बनाकर अदालत में पेश किया गया। बताया गया कि आरोपी ने जाली पहचान पत्र के जरिए खुद को किसान चंदनसिंह बताया और कोर्ट में जमानत देकर संदीप को जेल से रिहा करवा दिया।

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असली किसान को लगी भनक, पहुंचा कोर्ट

जब असली किसान चंदनसिंह को इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो वह दंग रह गया। इसके बाद उसने अधिवक्ता राजेंद्र कचोलिया के माध्यम से रेलवे स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में आवेदन पेश कर कार्रवाई की मांग की। कोर्ट ने मामले में पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी।

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जांच के दौरान सामने आया चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस ने इस वर्ष 18 मार्च को कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर बताया कि फर्जी जमानतदार चंदन शर्मा की 6 मार्च को मौत हो चुकी है। पुलिस ने कहा कि जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल उसी ने किया था, लेकिन उसकी मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई संभव नहीं है। इस रिपोर्ट के खिलाफ किसान पक्ष की ओर से प्रोटेस्ट पिटीशन दायर की गई। इसमें कहा गया कि चंदन शर्मा अकेले कोर्ट नहीं पहुंचा था, बल्कि आरोपी की मां कमलाबाई और अन्य लोग उसे लेकर आए थे।

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कोर्ट ने माना- मां की थी अहम भूमिका

मामले की सुनवाई के बाद स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट नदीम जावेद खान ने पाया कि कोर्ट में चंदन शर्मा की पहचान किसान चंदनसिंह के रूप में कमलाबाई ने ही कराई थी,कोर्ट रिकॉर्ड में जमानतनामा और शपथपत्र पर कमलाबाई के अंगूठे के निशान भी मिले। इसके बाद अदालत ने एमजी रोड थाना पुलिस को बीएनएस की धारा 319 (प्रतिरूपण द्वारा छल) के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 248/2026 दर्ज कर लिया है।

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अब खुद मां को करानी पड़ेगी जमानत

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नए कानून बीएनएस की धारा 319 के तहत पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पुराने आईपीसी कानून में इस अपराध के लिए तीन साल तक की सजा थी। अब बेटे की जमानत कराने के लिए कानून से खेल करने वाली मां खुद कानूनी शिकंजे में फंस गई है।

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फर्जी जमानतदार की मौत भी बनी रहस्य

मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फर्जी जमानतदार चंदन शर्मा का शव छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में स्थित शासकीय नवीन मालव कन्या विद्यालय परिसर के बाहर मिला था।पुलिस ने इसे अप्राकृतिक मौत माना है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया कि उसकी मौत हादसा थी या हत्या। फिलहाल यह मामला भी जांच का विषय बना हुआ है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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