नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-मप्र और उप्र के पेट्रोल-डीजल में 12 रुपए का फर्क, दाम घटाए सरकार

मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पेट्रोल-डीजल मूल्यवद्धि के बाद राज्य सरकार से दाम कम करने की मांग की है। सिंघार ने मप्र में पेट्रोल-डीजल रेट का ब्रेक अप बताते हुए कहा कि मप्र में 29 प्रतिशत वेट लगाया जा रहा है, जिसे कम किया जाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर भी चर्चा की।
मप्र और उप्र के पेट्रोल-डीजल में 12 रुपए का फर्क, दाम घटाए सरकार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

भोपाल। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर भारी VAT लगाकर भाजपा सरकार जनता की जेब पर लगातार बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 29% VAT, 2.5 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त टैक्स और एक रुपए अलग उपकर के कारण मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के दामों में 12 रुपए तक का अंतर है। उन्होंने कहा, पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है। जनता से कहा जा रहा है पेट्रोल-डीजल बचाओ, खर्च कम करो, लेकिन प्रधानमंत्री खुद पांच देशों के दौरे पर निकल गए हैं।

ट्विशा शर्मा के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग गंभीर 

सिंघार ने ट्विशा शर्मा मामले में कहा कि यदि परिवार को किसी भी प्रकार का संदेह है और वे दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं, तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी परिवार के लिए अपनी बेटी को खोना असहनीय पीड़ा है। ऐसे समय में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर परिवार की मांग पर उचित निर्णय सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या अविश्वास की स्थिति न बने।

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जमीन की खरीद-फरोख्त से डर

उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर की जमीन भाजपा विधायक को दिए जाने से जुड़े मामलों पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा जिस तरह महाकाल मंदिर के आसपास की जमीनों का अधिग्रहण करवा रही है और भाजपा से जुड़े लोग खरीद-फरोख्त में दिखाई दे रहे हैं, उसे देखकर डर लगता है। कहीं ऐसा ना हो कि एक दिन ये लोग महाकाल मंदिर को भी अपनी संपत्ति बताने लगें।  उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर श्रद्धा का केंद्र हैं, भाजपा नेताओं की प्रॉपर्टी डील का नहीं।

UCC पर बंद कमरे में 4-5 लोग फैसला लें, यह उचित नहीं 

UCC कमेटी बैठक को लेकर भी उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि UCC जैसे संवेदनशील विषय पर 4-5 लोग बंद कमरे में बैठकर फैसला नहीं कर सकते। यह देश संविधान से चलता है, किसी एक विचारधारा की मनमर्जी से नहीं। आम जनता, ओबीसी, दलित, आदिवासी समाज, विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों और संवैधानिक विशेषज्ञों की राय लेना बेहद आवश्यक है। भाजपा को समझना होगा कि विविधता इस देश की ताकत है, उसे खत्म करने का अधिकार किसी सरकार को नहीं है। 

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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