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West Bengal:फलता सीट पर पुनर्मतदान से पहले कड़ी सुरक्षा, हर बूथ पर तैनात होंगे दोगुनी जवान

पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 21 मई 2026 को होने वाले मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
फलता सीट पर पुनर्मतदान से पहले कड़ी सुरक्षा, हर बूथ पर तैनात होंगे दोगुनी जवान

ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद पहले मतदान को रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा मतदान के लिए सुरक्षा बलों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है। हर बूथ पर अधिक जवानों की तैनाती के साथ निगरानी भी बढ़ाई गई है। निर्वाचन आयोग शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना चाहता है।

ईवीएम विवाद के बाद  पुनर्मतदान

फलता विधानसभा क्षेत्र में पिछले महीने हुए मतदान के दौरान ईवीएम में छेड़छाड़ के गंभीर आरोप सामने आए थे। इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मतदान रद्द कर दिया था। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी और निष्पक्ष चुनाव की मांग तेज हो गई थी। अब आयोग ने पुनर्मतदान का निर्णय लेते हुए पहले से ज्यादा सख्त इंतजाम किए हैं। 

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हर बूथ पर तैनात होंगे दोगुने जवान

निर्वाचन आयोग ने इस बार प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के आठ जवान तैनात करने का फैसला किया है। इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मतदान में केवल चार जवान ही तैनात थे। जवानों की संख्या बढ़ाकर आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या दबाव की स्थिति पैदा न हो। सुरक्षा बलों की मजबूत मौजूदगी से मतदाताओं में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष हो सकेगी।

285 बूथों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

बता दें कि फलता विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इन सभी बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ विशेष निगरानी भी रखी जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर बूथ पर सुरक्षा और निगरानी के सख्त मानक लागू किए गए हैं। इससे मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा।

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कैमरे और वेबकास्टिंग से रखी जा रही नजर 

इस बार प्रत्येक मतदान केंद्र के अंदर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालयों से लगातार मॉनिटरिंग होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत जांच संभव होगी।

30 क्विक रिस्पांस टीमें तैनात

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आयोग ने 30 क्विक रिस्पांस टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है। ये टीमें किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचेंगी। इसके अलावा ड्रोन निगरानी पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे बड़े क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके। तीन चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई है, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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