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अंतर्राज्यीय रूटों पर अस्थायी परमिट जारी नहीं होने से 125 से अधिक बसें रुकीं

मप्र से हर दिन चार हजार लोग करते हैं दूसरे राज्यों की यात्रा
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अंतर्राज्यीय रूटों पर अस्थायी परमिट जारी नहीं होने से 125 से अधिक बसें रुकीं

ग्वालियर। प्रदेश से अंतर्राज्यीय रूटों पर अस्थायी परमिट के जरिए संचालित होने वाली 125 से अधिक बसों का संचालन पिछले एक महीने से बंद है। इसके पीछे मुख्य वजह परिवहन विभाग द्वारा परमिट जारी नहीं करना है। बस ऑपरेटर अब हाईकोर्ट से परमिट दिए जाने के लिए आदेश करा कर ला रहे हैं, लेकिन विभाग हाईकोर्ट के आदेश की नाफरमानी कर रहा है। खंडवा निवासी अंकित मालवीय ने खंडवा से महाराष्ट्र (जागना) के लिए परमिट जारी कराने के लिए हाईकोर्ट ग्वालियर में याचिका डब्ल्यूपी क्रमांक 5153/24 दायर की।

हाईकोर्ट ने 5 अप्रैल को बस ऑपरेटरों के पक्ष में फैसला देते हुए परिवहन विभाग को सात दिन के अंदर परमिट जारी करने का आदेश दिया था। आदेश की कॉपी परिवहन मुख्यालय में 15 अप्रैल को पहुंची थी और इसके हिसाब से 21 अप्रैल तक परमिट जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता ने प्रमुख सचिव एससएन मिश्रा को हाईकोर्ट के ऑर्डर की जानकारी दे दी है।

एमपी से टीपी पर 400 बसें संचालित होती हैं

मप्र से गुजरात, महाराष्ट्र, उप्र, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों के लिए 400 बसें अस्थायी परमिट पर संचालित होती हैं, इनमें से 125 से अधिक बसों के परमिटों की वैधता खत्म हो गई है। परिवहन विभाग में राज्य परिवहन प्राधिकार के सचिव का पद खाली होने के कारण परमिट जारी नहीं हो पा रहे हैं। विभाग में संयुक्त परिवहन आयुक्त प्रशासन के पास ही राज्य परिवहन प्राधिकार सचिव का दायित्व रहता है।

संयुक्त परिवहन आयुक्त प्रशासन का प्रभार संयुक्त परिवहन आयुक्त वित्त को दिया गया है, मगर सचिव पद का प्रभार नहीं दिया गया है। परमिट जारी नहीं होने से बस ऑपरेटर ही नहीं बल्कि इनके जरिए सफर करने वाले लोग भी परेशान हैं। एमपी से हर दिन 3500 से 4000 हजार लोग हर दिन यात्रा करते हैं। बसों के नहीं चलने से अब इन्हें ट्रेन या दूसरे परिवहन के साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। बस ऑपरेटर अंकित मालवीय ने बताया कि हाईकोर्ट ने खंडवा से महाराष्ट्र मार्ग पर परमिट सात दिन के अंदर जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन परिवहन विभाग ने न्यायालय का आदेश नहीं माना है।

बस का किराया

भोपाल से नागपुर       1300 रु. भोपाल से राजकोट     1700 रु. भोपाल से इलाहाबाद   1300 रु. भोपाल से रायपुर        1400 रु.

ट्रेन का किराया

भोपाल से नागपुर      315 रु. भोपाल से राजकोट    395 रु. भोपाल से इलाहाबाद  385 रु. भोपाल से रायपुर       395 रु.
People's Reporter
By People's Reporter

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