कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य की जनता अब असली परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि हर कोई पिछले 15 साल से चले आ रहे “महाजंगल राज” से छुटकारा चाहता है। पीएम मोदी ने कहा कि जैसे बिहार में भाजपा-एनडीए ने जंगलराज को रोका, वैसे ही अब बंगाल में टीएमसी के महाजंगलराज को विदा करने का समय आ गया है।
सिंगूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचने नहीं देती। उन्होंने कहा, “इनको मोदी से दिक्कत है, यह मुझे समझ आता है। बीजेपी से दुश्मनी भी समझ आती है, लेकिन टीएमसी बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी क्यों निकाल रही है?” पीएम ने कहा कि केंद्र की योजनाएं गरीबों और किसानों के लिए हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें लागू करने में रोड़े अटका रही है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगूर में 837 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इससे पहले दिन की शुरुआत में पीएम असम में थे, जहां उन्होंने कलियाबोर में 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही उन्होंने डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है और घुसपैठियों को अपना पक्का वोट बैंक मानती है।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को बचाने के लिए टीएमसी किसी भी हद तक जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद बंगाल के बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही है।