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ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा रुख,जयशंकर ने रुबियो से कहा- कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के दौरान भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। 
जयशंकर ने रुबियो से कहा- कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य

ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की मौत के मामले ने भारत और अमेरिका के बीच गंभीर कूटनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। भारतीय चालक दल वाले एक तेल टैंकर पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद तीन भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना पर भारत ने गहरी नाराजगी जताते हुए साफ कहा है कि व्यापारिक जहाजों को किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बातचीत कर इस मामले में भारत की आपत्ति दर्ज कराई।

जयशंकर ने अमेरिका के सामने जताई नाराजगी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत कर इस घटना पर भारत का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कमर्शियल जहाजों पर घातक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि समुद्र में व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाएं वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।

ओमान की खाड़ी में क्या हुआ था?

कुछ दिनों पहले ओमान के तट के पास पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई हुई थी। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इनमें 24 भारतीय नागरिक थे, जबकि अन्य सदस्य पाकिस्तान, रूस और यूक्रेन से थे। घटना के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। बाद में उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई।

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तीन भारतीय परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हमले में जान गंवाने वालों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है। तीनों के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है। केंद्र सरकार ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

विदेश मंत्रालय ने अपनाया सख्त रुख

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। भारत ने साफ कहा कि भारतीय नागरिकों से जुड़े कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए संवाद का रास्ता अपनाना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी जताई चिंता

इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी चिंता व्यक्त की है। IMO ने कहा कि समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी कार्रवाई की निंदा की जानी चाहिए, जिससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ती हो।

ये भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान को चेतावनी- भारतीय जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं, अपनी हरकतों में सुधार करें

अमेरिकी सेना ने क्या दी सफाई?

अमेरिकी सेना का कहना है कि संबंधित टैंकर ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जहाज पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उस पर ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह था। हालांकि भारत ने इस स्पष्टीकरण के बावजूद अपनी आपत्ति बरकरार रखी है और कहा है कि व्यापारिक जहाजों पर सैन्य कार्रवाई किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं मानी जा सकती।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बना चिंता का कारण

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज और ओमान की खाड़ी जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर खतरे बढ़ने से कई देशों की चिंता बढ़ गई है। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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