PlayBreaking News

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सख्ती :टाइगर रिजर्व के कोर टूरिस्ट एरिया में मोबाइल बैन

मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में अब कोर टूरिस्ट एरिया में पर्यटक मोबइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
Follow on Google News
टाइगर रिजर्व के कोर टूरिस्ट एरिया में मोबाइल बैन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अब कोर हैबिटेट के पर्यटन क्षेत्रों में सोमवार से मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस संबंध में पीसीसीएफ(वाइल्ड लाइफ) शुभरंजन सेन से आदेश जारी कर दिए हैं। इधर, इस आदेश के बाद इन टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से निकलने वाली सड़कों को सूर्यास्त से सूर्योदय तक बंद करने के संबंध में आदेश भी जल्द हो सकते हैं।

    सभी क्षेत्र संचालकों को दिए आदेश

    Uploaded media

    पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन ने बताया कि पार्कों में मोबाइल पर रोक लगाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीएन गोधावर्मन बनाम भारत संघ व अन्य प्रकरण में 17 नवंबर 2025 को दिए गए आदेश के पालन में की गई है। सेन ने बताया कि जारी निर्देशों  में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बिंदु क्रमांक 48.5 के अनुसार टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट के पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल फोन के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य के सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।

    इसलिए लगाई रोक

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टाइगर रिजर्व में मोबाइल फोन के उपयोग से न केवल वन्यजीवों की गतिविधियों में बाधा आती है, बल्कि फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया के कारण वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ता है। खासकर बाघों के कोर क्षेत्र में पर्यटकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग उनके प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित करता है।

    सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन में यह भी

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि कोर के क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों को सूर्यास्त से सूर्योदय तक बंद रखा जाए, क्योंकि रात में लोग तेज रफ्तार से गाड़ियां चलाते हैं, जिससे वन्य जीवों की  दुर्घटनाओं में मौत हो जाती है। राज्य सरकार इस आदेश के परिपालन करने के लिए तैयारी कर रही है। इधर, यह आदेश जारी होता है तो रातापानी टाइगर रिजर्व के झिरी से कोलार तक की रोड और देलावाड़ी से होशंगाबाद रोड भी रात में बंद करने की नौबत आ सकती है।

    रातापानी में बाहर रखवाए मोबाइल

    कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना, संजय-डुबरी और वीरांगना दुर्गावती सहित कई प्रमुख टाइगर रिजर्व हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। नए निर्देशों के बाद अब सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन साथ ले जाने या उपयोग करने पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। रातापानी में टूरिस्ट से फोन होटल में रखवा लिए गए।

    आदेश का पालन शुरू कराया

    वन विभाग के आदेश के बाद हमने अपने सभी गेस्ट से कहा कि वे अपने मोबाइल होटल या गाड़ी में छोड़कर जाएं। इसका पालन शुरू हो गया है।

    अंजली सिंह, डायरेक्टर, रातापानी जंगल लॉज

    मोबाइल लॉकर की व्यवस्था की जाए

    इस फैसले का स्वागत करते हैं। अब पार्क प्रबंधन को चाहिए कि वे पार्क के बाहर पर्यटकों के मोबाइल रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था करें।

    अजय दुबे, वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट, भोपाल

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts