PlayBreaking News

मिडिल ईस्ट में तबाही का छठा दिन :क्या इजरायल के परमाणु केंद्र पर होगा हमला? ईरान की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छठवें दिन भी जारी है। मिसाइल हमलों, एयरस्ट्राइक और जवाबी कार्रवाई में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तेहरान में पलायन तेज है, अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं और क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ रहा है। जानिए अब तक क्या-क्या हुआ।
Follow on Google News
क्या इजरायल के परमाणु केंद्र पर होगा हमला? ईरान की चेतावनी से बढ़ी टेंशन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेल अवीव/तेहरान। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष गुरुवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल हमले, एयरस्ट्राइक और जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के माहौल में धकेल दिया है। हालात ऐसे हैं कि, आने वाले दिनों में तनाव कम होने के संकेत फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे।

    इस संघर्ष का असर सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान, कुवैत, यूएई, कतर और सऊदी अरब जैसे कई देशों तक फैल चुका है। अलग-अलग जगहों पर अमेरिकी सैन्य अड्डों और दूतावासों को भी निशाना बनाया जा रहा है। वहीं इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल फैक्ट्रियों और सुरक्षा मुख्यालयों पर हमले कर रहे हैं।

    अब तक कितनी हुईं मौतें?

    युद्ध के शुरुआती छह दिनों में सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को हुआ है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

    देश/क्षेत्र

    मौतें (अनुमानित)

    ईरान

    1000 से ज्यादा

    लेबनान

    करीब 60

    इजरायल

    लगभग 12

    अमेरिकी सैनिक

    6

    अन्य क्षेत्र

    दर्जनों

    इन हमलों में कई सैन्य अधिकारी और आम नागरिक भी शामिल हैं।

    यरुशलम में सायरन, ईरान का नया मिसाइल हमला

    इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। मिसाइल हमले के बाद पूरे यरुशलम में सायरन बजने लगे और कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी।

    इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि, उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई। सेना ने नागरिकों को मोबाइल अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।

    लेबनान में भी बढ़ा तनाव

    इजरायल ने लेबनान में भी कई जगह एयरस्ट्राइक की है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी बेरूत और आसपास के इलाकों में कई हमले हुए हैं। इसके अलावा उत्तरी लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित बेड़्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर भी हमला किया गया। यह उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर माना जाता है।

    लेबनान में सक्रिय संगठन हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि, इजरायल की कार्रवाई पहले से योजनाबद्ध थी। संगठन ने इजरायल की ओर रॉकेट दागने की जिम्मेदारी भी ली है।

    यह भी पढ़ें: Israel-Iran War : ईरानी जहाज पर पनडुब्बी हमला, 101 लापता, श्रीलंका की सेना ने किया खुलासा

    कुवैत में ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत

    कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले में अमेरिका के छह सैनिक मारे गए। पेंटागन ने बुधवार रात दो सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए।

    मारे गए सैनिकों में शामिल हैं-

    1. चीफ वारंट ऑफिसर रॉबर्ट मार्जन (54) - सैक्रामेंटो
    2. मेजर जेफरी ओ’ब्रायन (45) - इंडियनोला

    बताया गया कि, ये सैनिक कुवैत में एक कमांड सेंटर पर हुए ड्रोन हमले के समय मौजूद थे। माना जा रहा है कि हमले के दौरान ही उनकी मौत हो गई।

    कुवैत के पास टैंकर पर हमला, शिपिंग को खतरा

    गुरुवार सुबह कुवैत के तट के पास एक टैंकर को निशाना बनाकर हमला किया गया। ब्रिटेन द्वारा संचालित UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक उत्तरी फारस की खाड़ी में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद एक छोटा जहाज वहां से निकलता देखा गया। हालांकि हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला लिमपेट माइंस के जरिए किया गया हो सकता है, जिनका इस्तेमाल पहले भी ईरान से जुड़े हमलों में हुआ है।

    ईरान के खिलाफ हमले के 100 घंटे पूरे, अमेरिका ने जारी किया वीडियो

    Twitter Post

    तेहरान में धमाके, एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव

    ईरान की राजधानी तेहरान में भी कई जोरदार धमाकों की खबर है। इसके बाद ईरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में कई विस्फोट सुने गए। पश्चिमी ईरान के सनंदज शहर में भी धमाके हुए। कई सैन्य और प्रशासनिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। 

    बुकान शहर में भारी बमबारी

    ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर बुकान में भी बड़े पैमाने पर बमबारी हुई। ईरानी मीडिया के अनुसार हमलों में गवर्नरेट बिल्डिंग सहित कई घर और व्यावसायिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।

    यह भी पढ़ें: ईरान में 160 छात्राओं की मौत पर उठी जांच की मांग : अमेरिकी रक्षी मंत्री का जवाब- सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती

    तेहरान से पलायन

    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले दो दिनों में लगभग 1 लाख लोग शहर छोड़ चुके हैं। रोजाना 1000 से 2000 वाहन राजधानी से बाहर निकल रहे हैं। ज्यादातर लोग उत्तर की ओर जा रहे हैं। हालांकि, फिलहाल सीमा पार शरणार्थियों की संख्या में बड़ा उछाल नहीं देखा गया है।

    इंटरनेट बंद, देश लगभग ऑफलाइन

    इंटरनेट मॉनिटरिंग संगठन NetBlocks के अनुसार ईरान में लगभग 100 घंटे से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है। इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के सिर्फ 1% तक रह गई, इससे अर्थव्यवस्था को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ।

    Featured News

    ईरान की चेतावनी - निशाने पर डिमोना न्यूक्लियर साइट

    ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि यदि अमेरिका और इजरायल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजरायल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। यह परमाणु केंद्र दक्षिणी इजरायल में स्थित है और देश के सबसे महत्वपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों में गिना जाता है।

    श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत पर हमला

    इस युद्ध में समुद्री मोर्चे पर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया। अमेरिका ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत IRIS देना को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया।

    इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए, 32 घायल सैनिकों को बचाया गया। जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। यह युद्धपोत भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था।

    Twitter Post

    अमेरिकी सीनेट में युद्ध रोकने का प्रस्ताव खारिज

    अमेरिका में भी इस युद्ध को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई को सीमित करने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन यह प्रस्ताव 53 के मुकाबले 47 वोटों से खारिज हो गया। इसका मतलब है कि, फिलहाल ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने की छूट मिल गई है।

    अमेरिका ने नागरिकों को निकालना शुरू किया

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, अब तक 17,500 अमेरिकी नागरिक सुरक्षित लौट चुके हैं। सिर्फ मंगलवार को ही 8500 लोग अमेरिका पहुंचे। व्हाइट हाउस ने कहा है कि, जरूरत पड़ने पर और फ्लाइट्स भेजी जाएंगी।

    ईरान ने भेजा बातचीत का गुप्त प्रस्ताव

    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, ईरान ने अमेरिका को गुप्त रूप से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। बताया गया है कि, ईरानी एजेंटों ने सीक्रेट चैनलों के जरिए CIA तक संदेश पहुंचाया और जंग खत्म करने के लिए बातचीत की पेशकश की। हालांकि, वॉशिंगटन में इस पहल को अभी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

    यह भी पढ़ें: US Iran War : ईरान युद्ध में मारे गए 4 अमेरिकी जवानों की पहचान जारी, पेंटागन ने शेयर की तस्वीर

    खामेनेई की मौत से बढ़ा तनाव

    इस युद्ध का सबसे बड़ा घटनाक्रम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत रही। बताया गया कि, इजरायल ने तेहरान में उनके ऑफिस पर 30 मिसाइलें दागीं। हमले में खामेनेई समेत 40 अधिकारी मारे गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने इस हमले की कई वर्षों से तैयारी की थी।

    युद्ध की टाइमलाइन

    तारीख

    घटना

    28 फरवरी

    अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया

    1 मार्च

    खामेनेई की मौत की पुष्टि

    2 मार्च

    2000 से ज्यादा टारगेट्स पर हमले

    3 मार्च

    कई अमेरिकी दूतावास बंद

    4 मार्च

    ईरानी युद्धपोत पर हमला

    5 मार्च

    जंग छठे दिन में, मिसाइल हमले जारी

    मध्य पूर्व में तनाव क्यों बढ़ा?

    इस युद्ध की मुख्य वजहें-

    • ईरान का परमाणु कार्यक्रम।
    • इजरायल की सुरक्षा चिंताएं।
    • अमेरिका-ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव।
    • क्षेत्रीय संगठनों (हिज्बुल्लाह आदि) की भागीदारी।

    आगे क्या हो सकता है?

    विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो-

    • तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
    • वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।
    • शरणार्थी संकट बढ़ सकता है।
    • क्षेत्रीय युद्ध का खतरा भी बढ़ सकता है।

    फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक बातचीत शुरू होती है या युद्ध और ज्यादा फैलता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts