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ईरान में 160 छात्राओं की मौत पर उठी जांच की मांग :अमेरिकी रक्षी मंत्री का जवाब- सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती। वहीं इजराइल की ओर से कहा गया है कि वह इस घटना की जांच कर रहा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब जांच की दिशा और जिम्मेदारी तय होने पर टिकी हुई है।
अमेरिकी रक्षी मंत्री का जवाब- सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष आज अपने पांचवे दिन में पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मानवाधिकार कार्यालय ने ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की जांच कराने की मांग की है। इस हमले में लगभग 160 छात्राओं की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।

    UN मानवाधिकार प्रमुख की निष्पक्ष जांच की अपील

    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वॉल्कर तुर्क ने कहा कि इस मामले की जल्द, निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए। जिनेवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूएन की प्रवक्ता रवीना शामदेसानी ने कहा कि जिस पक्ष ने हमला किया है, उसी की जिम्मेदारी है कि वह जांच कर सच सामने लाए।

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    ‘डरावनी तस्वीरें’ और बढ़ती तबाही

    यूएन की ओर से इस घटना को बेहद भयावह बताया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरें संघर्ष की तबाही और दर्द को दिखाती हैं। यह स्कूल दक्षिणी ईरान में स्थित है और उस पर शनिवार को हमला हुआ था। इसी दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।

    अमेरिका और इजराइल का बयान

    अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती। वहीं इजराइल की ओर से कहा गया है कि वह इस घटना की जांच कर रहा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब जांच की दिशा और जिम्मेदारी तय होने पर टिकी हुई है।

    युद्ध में अमेरिका के 5 बड़े दावे

    • 17 जहाज तबाह करने का दावा

    अमेरिका का कहना है कि ईरान के 17 सैन्य जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। इनमें एक पनडुब्बी भी शामिल बताई जा रही है।

    • 50,000 से ज्यादा सैनिक शामिल

    अमेरिकी सेना के अनुसार इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक सैनिक तैनात किए गए हैं। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती में से एक मानी जा रही है।

    • 200 फाइटर जेट और एयरक्राफ्ट कैरियर

    दावे के मुताबिक करीब 200 लड़ाकू विमान, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और बमवर्षक विमान इस अभियान का हिस्सा हैं। इससे ऑपरेशन की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा रहा है।

    • एयर डिफेंस, मिसाइल और ड्रोन को नुकसान

    अमेरिका का कहना है कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन क्षमताओं को भारी क्षति पहुंचाई गई है।

    • ऑपरेशन का नाम ‘एपिक फ्यूरी’

    अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है, जिसका अर्थ है ‘भयंकर गुस्सा’। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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