Kolkata Mayor Resigns:कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम इस्तीफा देने के बाद हुए भावुक, बोले-पहले की तरह काम नहीं कर पा रहा हूं

फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। हकीम ने नई व्यवस्था और सरकार को शुभकामनाएं देते हुए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की अपील की। उनके इस फैसले को राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और हालिया घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
कामकाज प्रभावित होने का दिया हवाला
इस्तीफा देने के बाद फिरहाद हकीम ने कहा कि वह अब पहले जैसी सक्रियता और क्षमता के साथ जिम्मेदारियां नहीं निभा पा रहे थे। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में पद पर बने रहना उस जिम्मेदारी का सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो भी उनकी जगह यह दायित्व संभालेगा, उसे उनकी ओर से शुभकामनाएं रहेंगी। हकीम ने अपने फैसले को व्यक्तिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा कदम बताया।
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ममता बनर्जी से पहले ही कर चुके थे चर्चा
फिरहाद हकीम ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। उनके अनुरोध पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने इस्तीफे को मंजूरी दे दी। हकीम ने कहा कि वह लंबे समय से इस विषय पर सोच रहे थे। इसके बाद औपचारिक रूप से पद छोड़ने का निर्णय लिया गया। हकीम के इस्तीफे के बाद सियासी गालियारों में चर्चा शुरू हो गई है।
2018 में बने थे कोलकाता के मेयर
बता दें कि फिरहाद हकीम नवंबर 2018 में कोलकाता नगर निगम के मेयर बने थे। वह स्वतंत्रता के बाद इस पद तक पहुंचने वाले शहर के पहले मुस्लिम मेयर रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया। टीएमसी में भी उन्हें एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता रहा है।
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जाली हस्ताक्षरों के मामले में सीआईडी ने की थी पूछताछ
हाल ही में पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विधायकों के कथित जाली हस्ताक्षरों से जुड़े मामले में फिरहाद हकीम से पूछताछ की थी। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि संबंधित दस्तावेज किन परिस्थितियों में तैयार किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार बैठक में कौन मौजूद था और हस्ताक्षर कैसे हुए, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी मामले में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी समन जारी किया जा चुका है।












